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Thursday, December 18, 2014

अगली बार धर्म के नाम फसाद शायद मीडिया पर होने वाली बहस के कारण ही होगा

इस देश में धर्म के नाम पर अब अगर कोई बडा फसाद होगा तो निश्चित ही उसके लिये इलेक्ट्रानिक मीडिया पर होने वाली स्तरहीन कूडा बहस ही ज़िम्मेदार होगी.तब वो इस पाप से बच नही पायेगा.धर्म के नाम पर जितना विवाद किसी मूर्ख के बयान से नही होता उससे कई हज़ार गुना उस ज़हर ये महामूर्ख बहस करके फैला देते हैं.हे प्रभू उन्हे क्षमा करना,वे नही जानते वे क्या कर रहे हैं.उन्हे सदबुद्धी दे.

आखिर धर्मनिरपेक्षता के नाम पर तमाशा कब तक़?

पाकिस्तान में मुम्बई हमले के आरोपी को जमानत मिल गई.शायद ऎसे ही कडे कदम उठायेगा पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ.हम उसके लिये रोते रहेंगे और वो हमें रुलाने वालों का पालता/पोसता रहेगा.कुत्ते की दुम है सुधर ही नही सकता,ये तो हमारे यंहा के कथित धर्मनिर्पेक्ष और छद्म मानवतावादी है जो जबरन उसके लिये रोते है.और तो और उसके यंहा से हम धमकी मिल रही है और हम है कि मोमबत्तियां ही जला रहे है और वो है कि हमारा चमन जलाने पे तुला है,झुठी तारीफ के लिये ये धर्मनिरपेक्षता के तमाशे कब तक चलेंगे?

Wednesday, December 17, 2014

कुत्ते की दुम सीधी हो सकती है पर 47 में बिछडा भाई नही

एक पुरानी कहावत है जो अक्सर मुझे ही सुनाई जाती थी के,"कुत्ते की दुम कभी सीधी नही हो सकती"।समय के साथ मैं तो देर से ही सही काफ़ी बदला,यानी सीधा हो गया और इस दौरान मैने सीधी दुम वाले कुत्ते भी देख लिये।यानी कुत्तों की भी दुम सीधे होने लगी है मगर हमारा सन 47 में बिछडा भाई यानी बिगडा हुआ पडोसी शायद कसम खाकर बैठा है कि कुत्तों की दुम को शर्मिंदा नही होने देगा।भले ही सारे कुत्तों की दुम सीधी हो जाये वो सीधा होने वाला नही है।

Tuesday, December 16, 2014

जंहा शैतान की औलाद बसती हो,वो जगह पाक हो ही नही सकती

सुनते आ रहा हूं पता नही कब से के बच्चे भगवान का स्वरुप होते हैं,पता नही उनसे क्या खतरा था कि किसी को जो उनपर गोलियां चलानी पड गई?दुनिया का कौन सा धर्म,कौन सा पंथ,कौन सा संप्रदाय इस बात की अनुमति देता है,समझ से परे है.फूल जैसे बच्चों पर जो गोलियां बरसा सकता हो वो इंसानियत का दुश्मन ही हो सकता है,शैतान की औलादों को जो सरंक्षण दे रहा है वो निश्चित ही शैतान की ही औलाद होगा,और जंहा शैतान की औलाद हैवानियत का नंगा नाच करे वो जगह पाक तो हो ही नही सकती,वो नापाक नर्क ही है,है नही तो बन जरुर जायेगा.आमीन.हे प्रभु उन नन्हे फरिश्तों को अपनी शरण में ले लेना.

Sunday, December 14, 2014

ड्रग फ्री इंडिया बनाना है!तो बनाओ ना,रोका किसने है?

वो कहते हैं कि ये करूंगा,वो करुंगा,ये जरुरी है वो जरुरी है?तो मेरा सवाल ये है कि रोका किसने है?मुझे जो अपने घर में करना रहता है वो मैं करता हूं किसी से पूछता तो हूं नही,फिर आपको को क्यों पूछना पड रहा है?ड्रग फ्री इंडिया बनाना है तो क्या अमेरिका से ओबामा आयेगा बनाने या रुस से पुतिन,या पाकिस्तान से नवाज शरीफ?सीधे सीधे शराब भांग गांजे के ठेके बंद कर दो!रोक कौन रहा है?कुछ नही तो कम से कम चुनाव तो चेपटी फ्री करा दो साहब.आप ही बेचो और आप ही रोना गाना करो,बात कुछ हजम नही हुई.ये मेरे मन की बात है.

Saturday, November 22, 2014

लगता है बाबा रामपाल नक्सलवाद से बडी समस्या है सरकार के लिये

बाबा रामपाल लगता है हमारे देश में नक्सलवाद से भी बडी समस्या थी,तभी तो उसे पकडने के लिये 30000 जवान लगा दिये थे।और बेचारे हमारे जवान जो आये दिन नक्सलियों के हाथों शहीद हो रहे हैं,उनके परिवारों को उजाडने वाले नक्सलियों के खिलाफ़ मैने आज तक ऐसी मुहीम नही देखी।इससे तो यही जाहिर होता है कि हमारे देश को नक्सलवाद से ज्यादा खतरा बाबाओं से हैं।नक्सली अब सेना के हेलिकाप्टर तक को निशाना बनाने लगे हैं,किसी दिन सर्विस फ़्लाईट पर निशाना लगा देंगे तो?क्या उनके हाथो बेवजह मारे जा रहे जवानो की जान की कीमत कुछ भी नही?कभी नक्सलियों के खिलाफ़ ऐसी कार्र्वाई होगी?कब मुक्त होंगे हम इस लाल आतंक से?क्या देश में भगवा ही आतंक का पर्याय है?

Friday, August 1, 2014

आस्तीन के सांप ज्यादा ज़हरीले हो गये हैं

आज नागपंचमी है।आज भर पूरे देश में नागों/सांपो को पूजा जायेगा और कल से सब उस बेजुबान पर पिल पडेंगे।उस बेजुबान की जान लेने पर उतारू हो जायेंगे जो नुकसान कम और फ़ायदा ज्यादा पहुंचाता है मगर उन सांपो को तो पहचान ही नही पाते जो आस्तीनों में छीपे होते हैं और मौका पाते ही डंस भी लेते है।तो अगर मारना ही है तो आपने आसपास के चेहरा बदलने वालो को मारो,उन बेजुबानो से ज्यादा ये मीठी जुबान और तीखे ज़हर वाले सांप हैं।नागपंचमी की सभी को बधाई।