खोजने.और निकाल भी लाते है बाहर और चिल्लाते हैं मिठाई मत खाओ सेहत के लिये खतरा है.तो क्या खायें?चाकलेट.बस सारा खेल चाकलेट कम्पनियो को इनडायरेक्ट फायदा पहुंचाने से ज्यादा भारतीय परंपरा की मिठास को फीका करने का होता है.अभी हाल में ही केरल में कंही विदेशी चिकन में कीडे मिले थे.एकाध बार रिपीट हुई खबर और उसके बाद गायब.फालो अप का तो पता ही नही चला.चाकलेट में भी खराबी की खबरे रुक रक कर सामने आती है.पर सवाल ये उठता है कि क्या कभी त्यौहारो के मौसम में चाकलेट और विदेशी चिकन के खराब होने का अभियान नज़र आते है.शायद चकली,चिवडा,शकरपारे,लड्डू और देसी मिठाईयों की मिठास से विदेशी स्वादहीन चाकलेट घबराते हैं और हमारे यंहा के विदेशी भक्त देसी भोंपू हमारी परंपरा को खत्म करने के एक अनचाहे षड्यंत्र में अंजाने में शामिल हो रहे है.बेहद अफसोस की बात है.