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Tuesday, March 2, 2010

मुख्यमंत्री तो बच गये टोपी पहनने से मगर विधानसभा अध्यक्ष नही अब बच पाये!होली के रंग में डूबा रहा प्रेस क्लब!

प्रेस क्लब मे होली इस बार भी रंगीन रही।जमकर हंगामा हुआ और जिसके मुंह मे जो आया वो बिना सेंसर हुये निकल कर माहौल को रंगीन करता रहा।गुलाल और फ़ाग की मस्ती के बीच हर साल की तरह नानसेंस टाईम्स का विमोचन भी किया गया।रिश्वत्खोर आईएएस अफ़सर के बहाने प्रदेश की बदहाली को होली के रंगीले अंदाज़ मे पेश किया गया और साथ ही प्रदेश मे पत्रकारों के लिये बीमा और पेंशन की मांग भी की गई।मुख्यमंत्री तो नानाजी देश्मुख की अंत्येष्ठी में शामिल होने दिल्ली जाने की वजह से प्रेस क्लब की होली मे शामिल नही हो पाये मगर विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक शामिल हुये।प्रदेश के मंत्री बृजमोहन अग्रवाल,पूर्व विद्याचरण शुक्ल,हरियाणे के कवि और ब्लागर योगेन्द्र मौद्गिल समेत विधायक और अन्य गणमान्य नागरिकों समेत पत्रकार शामिल हुये।खुलकर खेलो और खुलकर बोलो प्रेस क्लब की होली का मूलमंत्र है और बिना किसी परहेज और लागलपेट के प्रेस क्लब मे होली खेली जाती है।हर साल की तरह यंहा अतिथियों का स्वागत टोपी पहना कर और गोभी,ककडी,मिर्च,भींडी और अन्य सब्ज़ियां देकर किया गया।होली मस्त रही और विधानसभा अध्यक्ष के सामने मैंने प्रदेश का हाल एक आईएएस अफ़सर बाबूलाल अग्रवाल के बहाने बयां कर दिया।बाबूलाल के यंहा हाल ही पड़े छापे में 500 करोड़ रूपये से ज्यादा संपत्ति बरामद हुई थी।मैने कवि प्रदीप के गीत देख तेरे संसार की हालत की तर्ज़ पर कहा,









देख तेरे प्रदेश की हालत,





क्या हो गई धरमलाल,










सुकालू न बदला,





डेरहू न बदला,





न बदला रे मेहतरलाल,





कितने सारे हो गये बाबूलाल!





कितने सारे हो गये बाबूलाल!





डेरहू,सुकालू और मेहतरलाल यंहा के गांव के कामन नाम थे जो आजकल सुनने को नही मिलते।










लिखने को बहुत कुछ है मगर बहुत कुछ ऐसा भी है जो चाह कर भी नही लिख सकता,समझ गये ना आप लोग होली है,होली है।।







Thursday, March 12, 2009

नेताओ ने मात दे दी पत्रकारो को होलियाना मूड के मुक़ाबले में

मौका था होली की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रेस क्लब के होली मिलन समारोह का।मुख्यमंत्री की अनुपस्थिती मे पर्यटन और संस्क्रति मंत्री ने नेताओ की ओर से मोर्चा सम्हाला और उनका साथ दिया एक मंत्री सहित दो विधायको और विपक्ष के दिग्गज़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दो-दो कार्यकारी अध्यक्षो ने।आये दिन नेताओ की खिचांई करने वाले पत्रकार थोडा कम होलियाये मगर नेताओ ने तो साबित कर दिया कि भरपूर मस्ती और मौज का त्योहार है। उनका परफ़ार्मेंस देख कर लगा कि नेताओ ने मात दे दी पत्रकारों को होलियाना मूड के मुक़ाबले में।



पिछले दो सालो से मेरे अध्यक्षीय कार्यकाल मे होली मिलन समारोह के मुख्य अतिथी मुख्यमंत्री डा रमन सिंह इस बार अपनी माताजी के निधन के कारण आने मे असमर्थ रहे।वे इस समारोह की दो सालो से जान और शान बने हुये थे। शुद्ध होलियाना मूड मे वे आम आदमी की तरह प्रेस क्लब के सदस्यो के साथ होली मिलते रहे हैं।हमेशा उनके साथ समारोह की शान बढाने वाले पर्यटन मंत्रि ब्रजमोहन अग्रवाल ने इस बार महौल बना दिया।



पत्रकारो की ओर से सबसे पहले बोलने मंच पर मुझे अध्य्क्ष होने के नाते मौका मिला।मैने सबसे पहले निशाना बनाया पर्यटन मंत्री को। हर साल राजिम कुंभ करवाने वाले मंत्री को मैने नागा बाबाओ के समान योग्यता रखने और नागाओ से ज्यादा बडा नागा होने के कारण नागाओ का ब्राण्ड एम्बेसेडर घोषित कर दिया।उन्हे विज्ञापन बांट्ने वाले बांटू के रूप मे स्थापित भी किया,और कांग्रेस के डा चरणदास महंत को देर से आने के कारण सत्ता से वंचित रह जाने की गलती याद दिलाई।



उसके बाद मंच पर आये पार्षद से प्रमोट होकर पहली बार विधान सभा पहुंचे विधाय्क कुलदीप जुनेजा ।उन्होने पिछली बार की तरह इस बार भी सरदारो को ही अपने चुट्कुलो के जरिये निशाना बनाया और उपस्थित लोगो को हंस-हंस कर दोहरा होने पर मज़्बूर कर दिया।यही हाल रहा पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा का।उन्होने अपने चिर-परिचित कोंडके स्टाईल मे सबको लोट-पोट कर दिया।

डा चरण दास महंत पहली बार प्रेस क्लब के समारोह मे शामिल हुये थे इसलिय शालीनता से शुरू होकर अचानक अपनी प्रतिभा दिखाई और दर्शको की तालियां लूट ले गये।पर्य्टन मंत्री तो समझिये मैम आफ़ दी मैच रहे।उन्होने हालांकि अपना निशाना पत्रकारो को बनाने की बजाय महंत को बनाया मगर कुल मिलाकर देखे तो बाज़ी नेताओ के हाथ ही लगी।पत्रकारो की ओर से क्लब के महासचिव गोकुल सोनी और मंच संचालन कर रहे एहफ़ाज़ रशीद ने कोई कसर नही छोडी मगर दो साल से आगे चल रहे पत्रकार इस बार पिछड़ गये।

उसके बाद शुरू हुआ गुलाल का दौर्।इस दिन सिर्फ़ गुलाल ही खेला जाता है प्रेस क्लब मे क्योंकि यंहा से उठकर बहुत से लोगो को अख़बारो की नौकरी भी करना पडता हैं। नगाडो की थाप के साथ फ़ाग पर जम कर थिरके सभी।मिरची भजिया,पकौड़े टमाटर और हरी मिर्च के साथ धनिया की सिल बट्टे पर पीसी हुई चट्नी का मज़ा ही कुछ और था।बिना भांग का पेडा और थोड़ी सी भांग मिली और सादी ठंडाई ने होली मिलन समारोह को और मिठा बना दिया था।गुलाल इतना उड़ा कि उस्मे सारे मलाल छिप गये।जमकर मनाई होली सभी ने।दुसरे दिन तो सिर्फ़ रंग और रंग चला क्लब मे।पानी की कोई कमी नही भरपूर गिली होली खेली गई और शराब भी खुल कर पी गई।दो दिनो तक़ सिर्फ़ और सिर्फ़ प्यार मे डूबा रहा प्रेस क्लब। ऐसे प्यारे महौल के लिये अब साल भर इंतज़ार करना होगा।इस अवसर पर प्रेस क्लब मे लगातार 12 वे साल नान्सेंस टाईम्स अख़बार का प्रकाशन और विमोचन किया गया।इस अखबार मे संपादको से लेकर अख़बारो और मंत्रियो से लेकर संत्रियो तक की पोल पट्टी खोल कर रख दी जाती है।