Wednesday, January 28, 2009

मेरी कार 27 कि मी/लीटर का एवरेज देती है?क्या आप विश्वास करेंगे?

क्या आप विश्वास करेंगे जब मै शिमला गया तो मेरी कार ने 27 कि मी/लीटर का एवरेज दिया।है ना चौंका देनी वाली बात। अब आप मुझसे मेरी कार का मेक पूछेंगे तो मै नही बताऊंगा क्योंकी 27 कि मी एवरेज देने वाली कार मेरी नही है।वो कार तो पेट्रोलियम कंज़र्वेशन रिसर्च एसोसियेशन के विज्ञापन मे दिखाये गये एक सज्जन की कार है।विज्ञापन मे ये भी बताया गया है कि उन सज्जन ने कार 45 से 50 कि मी /घण्टे की रफ़्तार से चलाई न की 100 कि मी प्रति घण्टे की रफ़्तार से।

विज्ञापन पढ कर मैं भी चौंका। आज कल मैं भी अपनी कार के एवरेज को लेकर परेशान हूं।मैने भी तत्काल बिना पूरा विज्ञापन पढे नई कार लेने के बारे मे सोचा मगर जैसे ही नीचे की लाईने पढी मेरा सिर चकरा गया। इस विज्ञापन मे एक और खास बात है जो आपकी चालन दक्षता को भी साबित करती है।उसमे बताया गया है की आपकी चालन दक्षता यानी ईंधन बचत यानी खुशहाल परिवार।इसका मतलब है कि अगर आप 50 से ज्यादा की रफ़्तार से कार चलाते है तो ना तो आप दक्ष चालक है,ना आप ईंधन बचाते हैं और ना ही……………………॥

इस विज्ञापन ने मुझे पूरी तरह कन्फ़्यूज़ कर दिया।यानी अभी तक मैं अनाड़ियो की तरह कार चला रहा था और मैने अपने परिवार को खुशहाल रखने की कोशिश तक़ नही की।फ़िर मुझे खयाल आया अपनी कार के ड्राईव्हिंग इंस्ट्रक्शंस के।उसमे तो बाकायदा हर गियर की शिफ़्टिंग के लिये स्पीड निर्धारित कर रखी है। अमूमन हर कार निर्माता अपनी कारो के लिये ऐसा तय कर रखे हैं।

मेरी कार(टाटा सफ़ारी ) के मेन्युअल के हिसाब से तीसरा गियर 65 कि मी की स्पीद पर चौथा 90 और पांचवा 110 पर लगाना चाहिये।सफ़ारी को छोड़ भी दे तो भी आमतौर पर सभी कारो मे तीसरा गियर 60 के आस-पास ही लगाने के निर्देश होते हैं।अब ये सवाल उठता है कि कार कंपनी वालों की बात मानू या पेट्रोलियम कज़र्वेशन रिसर्च एसोसियेशन वालो की।कार वालो की मानो तो 27 का आधा भी नही मिलता है और ज्यादा के चक्कर मे पड़े तो गाड़ी नाक करना शुरू कर देती है।खड़खड़ाती-लड्खड़ाती स्पीड़ मे गियर कैसे बदले और तीसरे से भी नीचे यानी दुसरे गियर मे गाड़ी कैसे चलाये मेरे समझ के बाहर ही है।
इतनी बड़ी संस्था का ऐसा विज्ञापन उस संस्था मे बैठे लोगो की लापरवाही को ही बताता है। या तो उन्हे कार विशेष का नाम देकर विज्ञापन देना चाहिये या इस तरह के भ्रामक विज्ञापन देने से बचना चाहिये।

16 comments:

PN Subramanian said...

इंटेरेस्टिंग खबर. भोपाल में १९९१ कि मारुति ७५००० में बिकी. एवरेग २२ किमी.अविश्वसनीय परंतु खरीदनेवाला संतुष्ट. आभार.

PN Subramanian said...

इस समाचार के लिए आभार. पूर्व के कॉमेंट्स गायब हो गये.

ताऊ रामपुरिया said...

ये इस तरह के विरोधाभाषी विज्ञापन आज से नही बहुत समय से आरहे हैं. कार कम्पनियां अपना काम कर रही हैं और ये अपना. और हम अपना काम कर रहे हैं.:)

अब कार ही चलाना है तो एवरेज देखना और क्या गियर देखना? बस जब जैसी जरुरत हो धुनक दो.

भाई हमसे तो धीरे कार नही चलती, जैसा रोड देखते हैं वैसा ही दबा लेते हैं. पेट्रोल जब से घी के भाव हुआ है तब से एवरेज देखना छोड दिया क्युंकि फ़िर दर्द बहुत होता है.:)तो काहे एवरेज देखने का झंझट करना.

पंगेबाज said...

अधिकतम एवरेज पाने के लिये सफ़ारी के साथ चार बंदे रखे जब जाना हो तो धक्का लगाये जब आप किसी से मिल रहे हो गाडी मे बैठ कर सुस्ताये . इस तरकीब ्से आपकी सफ़ारी दुनिया के सबसे अच्छे माईलेज देने वाली गाडी बन जायेगी जी :) इससे अच्छा कॊई उपाय हो तो हमसे बाटे :)

संजय बेंगाणी said...

इमानदारी से हमारी गाड़ी 15 का भी नहीं देती.

तीसरा गियर 65 पर? अपनी तो 40 में चौथे पर चलती है, अराम से. वैसे चलाने पर समझ आ ही जाता है कौन से गियर पर चलाना है.

यह विज्ञापन मैने भी देखा. कुछ भी छापते है, किसे विश्वास है?

seema gupta said...

इतनी बड़ी संस्था का ऐसा विज्ञापन उस संस्था मे बैठे लोगो की लापरवाही को ही बताता है। या तो उन्हे कार विशेष का नाम देकर विज्ञापन देना चाहिये या इस तरह के भ्रामक विज्ञापन देने से बचना चाहिये।
" इन्हे आपना product बेचने से मतलब है फ़िर सही या ग़लत की परवाह कहाँ..."

Regards

Udan Tashtari said...

आपकी होती तो उधार जबलपुर ले आये होते. :)

COMMON MAN said...

pataa nahi, 27 kaa mileage kaise milta hai?? yeh exception hoga.

कार्तिकेय said...

कुछ तो लोचा है....

समयचक्र - महेद्र मिश्रा said...

आज ही मैंने भी अखबार में एक विज्ञापन देखा है जिसमे एवरेज २७ बताया गया है . यदि विज्ञापन की मानने लगे तो तो वो कहेगे १०० का एवरेज है . धधे के चक्कर में कंपनी वाले बनते भी खूब है . भारतीय सड़को पे १५ का एवरेज भी न चलेगी .

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

मेरी कार तो पूरी बदतमीजी से चलाई जाए तो भी १८ का अवरेज दे देती है वह भी डीजल पर .

रंजन said...

मैं तो १३ से आगे नहीं बढ़ पाया.. कभी हाइवे पर १५ होती है ्तो दिल करता है लड्डु बांटु..

जो शर्ते कंपनी बताती उनका पालन नामुमकिन है... भाई कार तो ऐसी हो जो मेरे हिसाब से चले और avg भी फर्स्ट क्लास हो..

राज भाटिय़ा said...

अरे वाह... इतनी अच्छी कार तो अभी हमारे यहां भी नही बनी, मेने कुच समय पहले ही नयी कार ली है, जो शहर मै यानि ५० से नीचे चलाने पर ज्यादा पेट्रोल खाती है १०० कि मी पर ८ लीटर, लेकिन शहर से बाहर ओर हाईवे पर जब मै उसे २०० कि मी की स्पीड से दोडाऊ तो भी ८ लिटल ही खाती है, जिस मे लाईटे भी चलती है, ऎ सी ओर हीटर ( दोनो आटोमेटिक है अपने आप तापमान सेट कर लेते है) आज तक ८ से ज्यादा नही खाया, ओर यह कार अपने इस रेंक मे सब से कम पेट्रोल खाने वाली ओर तेज चलने वाली कार है) १०० प्र ८ लिटर यनि १२,५ लिटर, ओर कहा २७ लिटर??
धन्यवाद

--- ''अम्बरीष मिश्रा ''का छोटा सा ''प्रयास'' said...

mera harday parivartan ho gaya tha ye kahoooo ki atack nahee ayaa

bas bach hi gya sach me

अनूप शुक्ल said...

दे सकती है अगर ढाल पर उतरते समय चलाई जाये इंजन बंद करके!

NIRBHAY said...

lagta hai ki PCRA wale aadha rasta car ko gadhon se''TOCHAN" laga kar chalaye honge baki rasta petrol se. Itni fikar hai energy/petrol conservation kee toh 800 c.c. ke upar ki car par pabandi laga dena chahiye. 1200,1400,1600,1800 cc kee luxury car kabhi 27 ka average degi? Are dada tochan me lagne wale gadhe bhi inhi log rahe honge.