Wednesday, May 6, 2009

अब क्या कहे इसे!ज्योतिष विज्ञान है या अंधविश्वास?

अभी कुछ दिनो पहले आदरणीय संगीता पुरी जी की ज्योतिष पर एक पोस्ट पढी थी।उन्होने ज्योतिष का मौसम की भविष्यवाणियो मे महत्व बताया था और भविष्यवाणी भी कि थी तपते मई महिने की शुरुआत मे पानी गिरेगा।और सच मे वही स्थिति बन रही है।इसे अब क्या कहे!ज्योतिष विज्ञान है या अंधविश्वास?

संगीता जी की पोस्ट मे उनकी भविष्यवाणी खरी होने पर बधाई भी दी थी और साथ-साथ ये भी लिखा था कि बादल अभी तक हमारे रायपुर पर मेहरबान नही हुये हैं।इस पर संगीता जी ने मेल भेजकर कहा था कि आपके शहर मे भी बादल आते ही होंगे और सच मे कल से आसमान पर बादलो ने मंडराना शुरू कर दिया है।इसे इत्तेफ़ाक़ भी कहा जा सकता है मगर मौसम विभाग ने भी रायपुर मे बारिश की भविष्यवाणी कर दि है ।इसे क्या कह जाय मौसम विज्ञान की भविष्यवाणी अगर विज्ञान है तो संगीता जी ने उनसे पहले ही घोषणा की थी सो उन्हे ज्यादा एडवांस माना जाना चाहिये।

बहरहाल मई के पहले ही सप्ताह मे पारा 45 डिग्री पार हो चुका है।कल से बादलो की हलचल से पारा थोडा नीचे उतरा है और बस्तर मे तो सामान्य से सेँ दो डिग्री नीचे रिकार्ड हुआ है।राय्पुर समेत सारे प्रदेश मे लू चल रही थी कल से मौसम ने करवट ली है और लू अब नही चल रही है।ये मै नही कह रहा हूं,मौसम विभाग से मिली जानकारी पर लिखे गये समाचार कह रहे हैं।वैसे पत्रकारिता के शुरूआती दौर मे मौसम का हाल लिखना मेरा प्रिय विषय था और उन दिनो बरसात की भविष्यवाणी मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अपने अखबार मे किया करता था,मुझे अच्छे से याद है पानी गिरने की घोषणा के बाद जब पानी नही गिरता था तो कुछ लोग फ़ोन करके तंग किया करते थे अरे भैया आपने तो लिखा है पानी गिरेगा,मगर पानी तो गिरा नही।

आज फ़िर सालो बाद वो पुरानी यादे ताज़ा हो गई।संगीता जी के मेल के बाद से पता नही क्यों मै भी आसमान पर नज़र डाल रहा था,ये देखने के लिये संगीता जी का ज्योतिष्य कितना खरा है।ऐसा नही कि मुझे उनपर विश्वास नहीथा लेकिन मै इस बात को परखना भी चाहता था क्योंकि गांव मे भी खेती-किसानी के पहले घर मे पंचांग को खंगालते देख कर मै आश्चर्य चकित रह जाता था कि ये पंचांग से पानी बरसने की तारीख कैसे अंदाज़ लगाते हैं।खैर जो भी संगीता जी को एक बार फ़िर बधाई,उनकी भविष्यवाणी के अनुसार हमारे शहर पर बाद्लो की मेहरबानी हो गई।

15 comments:

संगीता पुरी said...

बहुत बहुत धन्‍यवाद .. बादलों की मेहरबानी का जश्‍न मना लें .. पर तापमान में गिरावट अधिक दिन ठहरनेवाली नहीं .. 7 मई से ही तापमान पुन: बढता जाएगा और 20 मई के आसपास गर्मी अपनी चरम सीमा पर होगी .. वैसे 14-15 जून को इस बार मानसून का आरंभ बडे ही जोरदार तरीके से होगा , यानि आंधी , पानी , तूफान सब एक साथ आएंगे। इसका असर दो चार दिन पहले से भी देखा जा सकता है।

संगीता पुरी said...

एक और बात की जानकारी दे दूं कि पंचांगों के अनुसार मौसम के बारे में जो भविष्‍यवाणियां की जाती है .. उसकी सटीकता के बारे में दावे से कुछ नहीं कहा जा सकता .. पर 'गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष' के अनुसार ग्रहों के गत्‍यात्‍मक और स्‍थैतिक शक्ति को निकालने की सूत्र की खोज के बाद हर क्षेत्र में भविष्‍यवाणी करना अधिक सटीक हो गया है।

आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) said...

प्राचीन विधाएं ठोस धरातल पर ही कसकर तैयार हुई हैं.. कोई इसे कुछ भी कहे.. भरोसा ज़रूर करते हैं.. आभार

काजल कुमार Kajal Kumar said...

भाई, भविष्यवाणियों और मौसम विभाग की ज़रुरत ही कहाँ है...जब जब परा ४३/४४ के आप पास पहुँचता है.. २-४ दिन में बरसात हो ही जाती है.

महामंत्री - तस्लीम said...

मानने को आप चाहे जो मानें, विज्ञान की नजर में तो ज्‍यातिष अंधविश्‍वास है ही। कारण सिर्फ एक है कि इसके सभी आकलन खरे नहीं उतरते हैं।

-----------
SBAI TSALIIM

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

मैं भी अभी तक ज्योतिष पर यकीन नहीं करता हूं हो सकता है कि संगीता जी ने अपनी गणना नये तथ्यों को शामिल कर की हो, यदि ऐसा है तो बहुत बधाई और इस पर अधिक शोध किये जाने की आवश्यकता है.

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

वैलिडेशन के लिये कुछ और डाटा चाहिये।
पर आप विचारणीय बिन्दु तो दे ही दे रहे हैं!

ताऊ रामपुरिया said...

@ महामंत्री - तस्लीम,
सर जी आपकी बात तो सही है. पर मौसम विज्ञान की भविष्यवाणियां भी कितनी सच होती हैं?:)

रामराम.

Arvind Mishra said...

क्या पुद्सकर भाई आप भी ज्योतिष व्योतिश के चक्कर में पड़ गए -बरसात हो जाय तो आनंद उठाईये ! और आपके दोस्त मित्र जेल जाने से बचे हुए हैं ना ! उधर ज्यादा ध्यान दीजिये -संगीता जी अपना गत्यात्मक ज्योतिष सँभालने के लिए खुद पर्याप्त हैं !

हरि said...

..अजी फिलहाल मौसम सुहावना हो गया। बस यही खुशी की बात है। मौसम विभाग की भी भविष्‍यवाणियां कितनी सटीक होती हैं; हम सभी जानते हैं। जब मौसम विभाग कहता है कि चार दिन तक बादल बरसते रहेंगे तो अगले ही दिन धूप निकल जाती है।

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

ज्योतिष तो तब भी गणना करते है . हमारे यहाँ तो घाघ कवि के दोहे अबभी सटीक साबित होते है जैसे अम्बा झार चले पुरवाई -तो समझो वर्षा ऋतू आई

P.N. Subramanian said...

संगीता जी को तो बधाई देनी ही होगी..

हिंदी ब्लॉगर said...

आप जिस पर विश्वास नहीं करते उसकी हर बात गलत लगती है,
फिर चाहे वह बात विज्ञान करता हो या ज्योतिष

और जिसके पास जो होता है, उसे वही अच्छा लगता है और सामने वाले का नाकारा

मानो तो भगवान ना मानो तो पत्थर!

अरे हाँ, (ऊपर) ताऊ की भी सुनो

bhawna said...

sabne barish ki bhavishyavaani ki kahi par aapke vivaah ki bhavishyavani koi kare aur voh sach ho to anand aa jaye :)

NIRBHAY said...

Jyotish kee "Ganana" wala section itna pakka hai kee NASA bhee fail hai, aaj woh science ke hisab se humaree hee baaton ko satya saabit kara raha hai. Na jaane kitne salon pahle se kaha ja raha hai Mangal Lal color ka hai, abhi kuchh mahino pahle unhone ise sweekara hai. Iska yeh matlab nahi kee science ka development is disha me rok diya jay ya galat hai par hum pahle bhee sahi the aaj bhee sahi hai yeh kah sakte hai.

Rahi baat Falit Jyotish kee, yeh tab ka hai jab "Satyug" tha ab ke badal chuke "Dasha" "Kaal" "Paristhiti" se uska samnjsya baitha pana jab aaj humari sociology badal chuki hai/modernisation hai/hindu united family & punjiwadee vyavastha, glamour, passion, rthics rapidly change ho rahe hai ek bahoot hee "Hoonermand" karya ho chuka hai. Simply Jyotish ke Niymon ko lagoo kar prediction karna mushkil hai, predictions galat ho sakti hai.
Jab Falit Jyotish Shastra bana tha tab Electrical,telecommunication,Computer field, Information Technology ke field nahi the, Pardesh me vastavya karna sabse bad "Durbhagya" kaha jata tha aaj jo kee log "Sanman" kahten hai. Tartamyata kee kami hee Jyotish ko sandeh ke ghere me lati hai. Pundit vyakti (Guneejan) sahi vyakhya karten hai jo kee bahut kam hai agar hai toh log nahi jante.
Ek jyotish pahle phychiatrist ka karya bhee karta tha, lekin bar bar jyotish kee sharan me jana matlab ab aapko phychiatrist ke paas bhejne kee noubat aanewali ka indication hai.
maine Pt. Ajay Bhambhee ko sahee paya hai aur ve sahi tartamya baithane me ek dum sahee hain.