Sunday, October 11, 2009

एहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है दोस्तों,ये दिल तुम्हारे प्यार का………………………

ब्लाग पर जारी कट-कट से दूर होकर मैने जब ये बताया कि मैं ब्लाग पर एक अख़बार नेशनल लुक मे कालम लिखना शुरू करने जा रहा हूं,तो जैसे मुझ पर प्यार की बरसात हो गई।मुझे सपने मे भी अंदाज़ नही था कि इतना प्यार मिलेगा मुझे।किसी एक का नाम पहले लूंगा तो दूसरे का प्यार कम नही होगा।सारे दोस्तों ने खुलकर सराहा, मेरी नई कोशिश को और जी भर कर दुआयें दी।कंही कोई दिखावा नही,कंही कोई छल नही,कंही कोई कपट नही।शुद्ध और सौ टके खरा प्यार,शुभकामनाएँ,आशीर्वाद।टिपण्णियों की ऐसी बरसात मैने अपने ब्लाग पर कभी-कभार ही देखी थी, वो भी ततैये के छ्त्ते को छेड़ने पर्।मगर इस बार तो कमाल ही हो गया।सीधी-सादी पोस्ट पर इतने लोग आये कि जी भर आया। प्यार ऐसे बरसा कि आंखे भी बरसने पर उतर आई।बहुत से तो मेरे ब्लाग जगत मे कदम रखने के बाद से लगातार साथ थे मगर कुछ ऐसे भी थे जो पहली बार ही आये थे।सच दोस्तों जो प्यार मुझे आप सब ने दिया है वो मै ज़िंदगी भर नही भुलूंगा।आप लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की जी-तोड़ कोशिश करूंगा।कहने को बहुत कुछ है मगर आज सिर्फ़ इतना ही कहूंगा कि एहसान मेरे दिल पे तुम्हारा है दोस्तों,ये दिल तुम्हारे प्यार का………………………

24 comments:

डॉ टी एस दराल said...

अपनी शुभकामनाओं के पुष्पगुच्छ लिए इतने सारे सक्रिय ब्लोगर्स को देखकर अच्छा लगा की ब्लोगर्स में भी भाईचारा है. इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं.

महफूज़ अली said...

Aadarniya Anil ji........


aapko phir se badhaai.........

JAI HIND

Pankaj Mishra said...

धन्यवाद और बधाई फ़िर से

ललित शर्मा said...

जय हो, बधाई हो,

खुशदीप सहगल said...

अनिल भाई,
ये सब प्यार-मुहब्बत छोड़ो, एक बार फिर इस उम्र में भागकर सब ब्लॉगरों के साथ शोले देखने की सोचो...

जय हिंद...

बेस्ट ऑफ लक said...

टिप्पणी तो शायद बहाना था, सबको आपके लिए अपना ब्लॉग पता छोड़कर जाना था। कल मैं नहीं आया तो मैं आज आ रहा हूं, आपकी नई पारी के लिए आपको बेस्ट आफ़ लक कहने के लिए।

मेरी पोस्ट, न शिकवा न शिकायत करेगी
मंजूर होगा फैसला जो मेरी पंचायत करेगी
तुम ही पंच और तुम ही सरपंच॥
जय हो.. जय हो...

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

आप ने भी प्यार कम नहीं बांटा है। बदले में वही तो मिलेगा। आप की तो गालियों में भी साथियों के लिए प्यार भरा होता है।

अल्पना वर्मा said...

bahut bahut Shubhkamnayen..
[kal nahin de saki thi..

aap ke blog par purani posts nahin dikhti ..sirf labels hain.
Sujhav hai-archive ka option OR recent post widget bhi lagayen.

neeshoo said...

aap kayamat layege jarur ...........badhai

cg4bhadas.com said...

अभी तक आपके शब्दों से ब्लाग रौशन होता था , इस बार की दीवाली कुछ खास होगी अब सारा शहर जगमगायेगा आपकी स्वच्छन्द वाणी से ....... पुनः बधाई

राज भाटिय़ा said...

बहुत सुंदर जी... कभी कभी ऎसा होता है, कि प्यार मे भी आंसू निकल आते है

AlbelaKhatri.com said...

ye silsila hai pyaar ka
chaltaa hi rahega,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

ज्ञानदत्त पाण्डेय| Gyandutt Pandey said...

यही तो ब्लॉगिंग का + प्वाइण्ट है। अन्यथा रोज जूतमपैजार तो चलती ही है! :)

Dr. Mahesh Sinha said...

जाइए आप कहाँ जायेंगे हम आपके पीछे पीछे आएंगे :).
कट कट से न घबराओ ये भी जिंदगी का एक रंग है भले ही बदरंग हो .

जी.के. अवधिया said...

प्यार तो दोतरफा व्यापार है। आपने लोगों को प्यार दिया है तो वे लोग क्या बदला नहीं देंगे?

एक बार और बधाई!

गौतम राजरिशी said...

...तो आप वापस प्रिंट मिडिया से जुड़ रहे हैं...बधाई हो!!!

आपकी सम्स्त शुभकामनायें स्वास्थ्य सुधार में तेजी ला रही हैं अनिल जी...

Mithilesh dubey said...

अरे क्या कह रहें आप जब दोस्त ही है तो एहसान काहे का हाँ। हमारी शुभकामनाएं आपके साथ है।

अनूप शुक्ल said...

ये वकील साहब द्विवेदी जी हमारी बात कह गये हमारे माउस से छीनकर। इनके खिलाफ़ क्या ताम-झाम किया जा सकता है बताया जाये।

sandeep sharma said...

हमारी तरफ से बधाई नहीं स्वीकारेंगे...
चार दिन से नेट बंद कर रखा था... इसलिए पिछली पोस्ट पर नहीं आ पाया...

'अदा' said...

हार्दिक बधाई एवं शुभकामना...
जय हिंद !!

Rakesh Singh - राकेश सिंह said...

बधाई हो .... और मेरी शुभकामनाएं आपके साथ है |

संजय बेंगाणी said...

मैं समझता हूँ अब भी आप वही लिखेंगे जो आपको सही लगेगा. न कि "आप लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की जी-तोड़ कोशिश करूंगा" के अंतरगत वह लिखेंगे जो "वाह-वाह" करवाये.

शुभकामनाएं.

अनिल कान्त : said...

मेरी ओर से आपको बहुत बहुत बधाई

राजीव तनेजा said...

शुभ व मँगल कामनाओं सहित बहुत-बहुत बधाई