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Sunday, November 1, 2009

बधाई,बधाई,बधाई!

कहने को बह्त कुछ है मगर आज शुभदिन है इसलिये गिले शिकवे आज नही कल।आज तो बस सिर्फ़ इतना ही,बधाई,बधाई,बधाई!आज ही के दिन एक बहुत ही महत्वपूर्ण फ़ैसले के कारण हम सब तरक्की की राह पर चल पड़े थे।तरक्की की रफ़्तार से शिकायत हो सकती है और दूसरी भी बहुत सी शिकायतें है लेकिन आज तो उत्सव का दिन है।राज्योत्सव का दिन है,आज ही दिन मेरा राज्य छ्त्तीसगढ अस्तित्व मे आया था और आज उसकी नवम वर्षगांठ है।एक बार फ़िर राज्य की 2 करोड़ दस लाख जनता को बधाई और सारे देशवासियों को हमारे प्रदेश के खुशहाली के रास्ते मे बढने की बधाई।बधाई,बधाई,बधाई।और हां ,आज ही के दिन मेरे राज्य के दो और भाईयों का भी जन्म हुआ था।उत्तरांचल और झारखण्ड्।वंहा के निवासी भाईयों की भी खुशहाली की शुभकामनाओं के साथ उन्हे भी बहुत बहुत बधाई।

34 comments:

Dr. Smt. ajit gupta said...

बधाई जी आपको।

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

छत्तीसगढ़ के जन्म दिन पर हमारी भी बधाई!

ललित शर्मा said...

बधई-बधई-बधई- पहिली पर्रा भर,फ़ेर टोकना भर, गाड़ी भर, गाड़ाभर, अऊ ये दे बड़े ट्राला मंगवाए हंव किराया मा, झटकुन गुदाम-परसार ला खाली करवा भैया नई ते बधई धरे के समस्या हो जाही,
अड़बड़ अकन बधई...........हमर जम्मो संगवारी मन डहर ले।

महफूज़ अली said...

Aapko bahut bahut badhai.......

संगीता पुरी said...

आपके साथ ही सभी छत्‍तीसगढ वासियों को बहुत बहुत बधाई !!

अजय कुमार झा said...

गरीब धरती के अमीर लोगों को बहुते बधाई ...अनिल जी ...आप लोगन छत्तीसगढिये इत्ते सारी बिलागर हैं कि हमको तो लगता है ..बिलागगढ ही कर दिया इसका नाम

जी.के. अवधिया said...

बधाई,बधाई,बधाई!
बहुत बहुत बधाई!!!

विनोद कुमार पांडेय said...

छत्तीसगढ़ प्रदेश की वर्षगाँठ पर बहुत बहुत बधाई..प्रदेश निरंतर उन्नति करता रहे..धन्यवाद

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari said...

होने दो सूर्य को
दुनिया का केन्‍द्र
और सितारों की धुरी.
मेरी यह धरती
कितनी गरिमामय
धीमे-धीमें घूमें
तीन अलग धुरियों पर.
(जान मिल्‍टन)

बहुत बहुत बधाई.

ताऊ रामपुरिया said...

छत्तीसगढ़ प्रदेश की वर्षगाँठ पर बहुत बधाई जी, वैसे आज हमारी भी (म.प्र.) भी वर्षगांठ है.:)

रामराम.

कुलवंत हैप्पी said...

आपको बधाई हो जी। लेकिन मुझे अफसोस है क्योंकि आज ही पंजाब के दो टुकड़े हुए थे। एक पंजाब और एक हरियाणा।

काजल कुमार Kajal Kumar said...

चलो जी और तरक्की करां.

cmpershad said...

आज ही का वो ....दिन है जिसने भारत को भाषाओं के आधार पर बांटा। जी हां, आज ही के दिन हैदराबाद का बंटवारा हुआ था और इस राज्य के हिस्से आंध्र, महाराष्ट्र और कर्नाटक में ज़म हो गए और इस तरह भाषिक जंग भारत में शुरू हुई।

छत्तीसगढ़ के जन्मदिवस की बधाई॥

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

आपको तथा समस्त प्रदेशवासियों को बधाई एवं सबके उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामनाऎँ!!!!!!

बी एस पाबला said...

बधाई..
हम सबका प्रदेश निरंतर उन्नति करता रहे..
यही कामना

बी एस पाबला

राज भाटिय़ा said...

आप को भी बहुत बहुत बधाई

Dr. Mahesh Sinha said...

बधाइओ के साथ, यह दिन वाकई भारत के इतिहास का महत्वपूर्ण दिन हो गया

महेन्द्र मिश्र said...

छ्त्तीसगढ प्रदेश की स्थापना के लिए आपको व् सभी सुधिजनो को बहुत बहुत बधाई और शुभकामना .

दिगम्बर नासवा said...

बधाई हो जी badhaai .... बहुत बहुत badhaai ........

Dipak 'Mashal' said...

Sansthapna divas ki hardik badhai bhai ji

Shefali Pande said...

बधाइयों का टोकरा उत्तराखंड से भी लीजिए .....और हमें भी आगामी ९ तक भिजवाने का कष्ट करें ...

Anil Pusadkar said...

अजय भाई अमूमन मै टिपण्णियों का जवाब नही देता क्योंकि ये टिपण्णी करने वाले का अधिकार है और जो वो सोचता है लिख सकता है।मै आपकी टिपण्णी का जवाब इस लिये दे रहा हूं कि आप ने शायद दूसरी बार ये लिखा है गरीब धरती के अमीर लोग्।पहली बात मै धन से अमीर नही हूं लेकिन दिल से बहुत ज्यादा अमीर हूं।दुसरे मेरी धरती गरीब नही है।इसके गर्भ मे हीरे की खदाने छीपी हुई हैं,लोहे के पहाड इसके सीने पर खड़े हैं,सीमेंट यानी चूना पत्थर जिधर देखो उधर बिखरा पड़ा है।साल के जंगल देखना है तो यंहा चले आओ,वनोपज के माम्ले मे इसका कोई मुक़बला नही है,टिन,यूरेनियम,एल्यूमीनियम,समेत बहुत से बेशकीमती खनिज से ये धरा पटी हुई है और कोयला का भरपूर भडार हैं।बिजली की यंहा कोई कमी नही अहै और हां जिस अमीर लोगो का आप बार-बार ज़िक्र करते हैं वो यंहा है ज़रूर लेकिन कम है।गरीबी देखना है तो आओ यंहा,नही भी आओगे तो देश मे कंही भी पसीना बहाते छत्तीसगढ के मज़दूर मिल जायेंगे।आपने मुझे अमीर कह कर चाहे इज़्ज़त बख्शी हो या तमाचा मारा हो मुझे उससे कोई ऐतराज़ नही मगर इस अमीर धरती को गरीब कहोग़े तो दुःख होना स्वाभाविक है।बस इसलिये लिख रहा हूं।आशा है आप अन्यथा नही लेंगे और जब रायपुर आयें हम सभी छत्तीसगढिये आपका अपनी हैसियत से बढकर स्वागत करेंगे चाहे आप हमे अमीर कहकर रोज़ जूतिया लो।वैसे पूरे इलाके मे मुझे अपने दिल का बादशाह माना जाता है इस्लिये मै दिल से तो अमीर हूं,और आप जैसे भाईयों का आशिर्वाद रहा तो धन से भी हो जाऊंगा।

AlbelaKhatri.com said...

badhaai !

BADHAAI !

B A D H A A I !

_________________B
_________________A
_________________D
_________________H
_________________A
_________________A
_________________I
___________jai chhatis garh
_____________jai hind

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

बधाई,बधाई,बधाई!
बहुत बहुत बधाई

अजय कुमार झा said...

क्या अनिल जी ..आज मुझे बेहद दुख हुआ..मुझे यकीन था कि मेरी लेखनी से कम से कम मुझे लोग खुले पन्ने कीं तरह तो जरूर ही जान जाते होंगे..और आपके ब्लोग का तो मैं नियमित पाठक और टीपक हूं ..फ़िर आपको ऐसा क्यों लगा आखिर..आपने ये सोच कैसे लिया..अपनी आदत के अनुसार आपके ब्लोग के नाम के हिसाब से कहा जो कहा..और रही बात धरती के गरीब होने की ..तो मैं खुद बिहार से हूं..पता नहीं इससे गरीब राज्य कोई है या नहीं..हां अमीर लोग इसलिये कहा क्योंकि आप इतने सारे हीरे मोती...नाम किन किन का गिनाऊं ..तो हमारे हिंदी ब्लोगजगत में ही जगमगा रहे हैं तो ऐसी धरती कैसे गरीब हो सकती है ..हां लोग तो अमीर हैं ही...दिल केसे कलम से...और सब से ..

ज्यादा नहीं कहूंगा...मुझे तो पता भी नहीं था ..मगर आदत है न..बार बार इस ब्लोग जगत के पन्नों में ही घूमता रहता हूं..अब जब तक आप खुद मुझे फ़ोन करके ..अपने इस अनुज से बात नहीं करेंगे मैं..आपको पढने के बावजूद ..कुछ भी टीपने की हिमाकत नहीं करूंगा..और इतना तो आप यकीन करेंगे मेरा ...रही बात रायपुर आने की तो जिंदगी रही तो आप सबसे मुलाकात होगी ,....जरूर होगी..और बस अब क्य कहूं..
नीचे नं दे रहा हूं ..इसी उम्मीद में कि आप खुद कहेंगे कि ..मेरी नीयत पर आपको शक नहीं है..

आपका अजय..9871205767

अजय कुमार झा said...

अनिल भाई ..
मेरा जवाब आपने चाहे प्रकाशित न किया हो..मगर पढा जरूर होगा ..इसका विशवास है मुझे..मैं अपनी सफ़ाई में जो कह सकता था कह दिया..आप वैसे भी बडे हैं ..और ऐसे भी बडे हैं ..सो जैसा उचित समझें..मुझे प्रतीक्षा है आपके फ़ोन की ..

Anil Pusadkar said...

अजय भाई आपका नम्बर नोट करने के लिये उठा था तो खाना खाने बैठ गया इसलिये आपका कमेण्ट प्रकाशित नही कर पाया।अब कर दिया है और रात ज्यादा हो गई है सोच कर मैने सोचा कि अब नई सुबह नई बात से नई शुरूआत करूंगा।वैसे भी अपना सिद्धांत है रात गई बात गई।तो कल सुबह मै सबसे पहले आपसे ही बात करूंगा।शुभ रात्रि।

अनिल कान्त : said...

सभी छत्‍तीसगढ वासियों को बहुत बहुत बधाई

Udan Tashtari said...

बधाई हो भईया जी को ,बधाई हो भईया जी को, बधाई हो भईया जी को.

वाणी गीत said...

बधाई ...बधाई ...बधाई ..!!

खुशदीप सहगल said...

अनिल भाई,

बहुत बहुत बधाई...लेकिन आपने ये
नहीं बताया कि इस पावन दिवस पर सत्संग कैसा रहा...

जय हिंद...

Anil Pusadkar said...

हा हा हा।खुशदीप भाई।सण्डे का सत्संग थोड़ा फ़ीका रहता है क्योंकि छुट्टी सेलिब्रेट करने के लिये बहुत से साथी डोमेस्टिक हो जाते हैं।यंहा कवि का डोमेस्टिक से तात्पर्य है पारिवारिक,यानी परिवार के साथ रहते हैं,इसलिये सत्संग दोपहर को ही निपटा लिया जाता है और रात्रिकालीन सत्संग मे फ़िर जिसकी श्रद्धा हो वो पंहुच जाता है,जैसे तैसे।ये डोमेस्टिक कैटेगरी कैसी लगी।हा हा हा हा।और हां आपको खुशदीप नही खुशदिल बुलाना चाहिये।

पी.सी.गोदियाल said...

मेरी तरफ से भी बधाई और मुझे पूरी उम्मीद है कि छतीसगढ़ अगला बगल के अन्य राज्यों के मुकाबले अच्छी प्रगति करेगा !

अल्पना वर्मा said...

bahut bahut badhayeeyan.

छ्त्तीसगढ,उत्तरांचल और झारखण्ड् ke alawa....[isee din Nov. first ko Kerala piravi or Kerala day bhi manaya jata hai.]