Sunday, September 26, 2010

एक बहुत ही कठीन सवाल,खासकर शादी-शुदा लोगों से!

बातों-बातों मे कभी कोई बात निकल आती है जो निर्मल हास्य का खज़ाना खोल देती है।ऐसी ही एक बात कल रात बेहोशी वालों डाक्टरों की बैठक मे भी निकली।बैठक आफ़िशीयल नही थी बस यूं ही मिल बईठे थे दिवाने दो,दो नही तीन और चौथा था मैं।यानी बेहोशी के तीन डाक्टरों के बीच एक अकेला बेहोश।एक तो अपने महेश भैया थे यानी डाक्टर महेश सिन्हा दूसरे मेरे अभिन्न मित्र डा अजय सक्सेना और तीसरे थोड़े शरीफ़ टाईप के थे।सत्संग मे सभी प्रकार के विषयों पर जमकर चर्चा हुई और इसी बीच तीसरे डाक्टर के फ़ोन मे नाममात्र के लिये  घण्टी बजी यानी फ़ोन ने  सिर्फ़ हिचकी ली।मैने कहा भाभीजी का फ़ोन है शायद।उसने कहा नही मिस काल है।तो मैने फ़िर कहा यानी अभी तक़ मिस के काल आते हैं।वो हड़बड़ाया और बोला,ऐसा नही है मिसेज़ तो अभी तक़ सो गई होगी।और वो मिस काल करती भी नही है।तभी मैने ये सवाल खड़ा किया कि ठीक तुम्हे ना सही लेकिन बाकी लोग मिसेज़ के काल को भी मिस काल क्यों कहते हैं?सबसे खुलकर हंसे और चल पड़े अपने-अपने बसेरे की ओर्।मुझे वंहा तो जवाब नही मिला देखें यंहा मिलता है क्या?अगर आपको पता हो कि मिसेज़ के काल को भी लोग मिस काल क्यों कहते हैं?

29 comments:

गजेन्द्र सिंह said...

शानदार प्रस्तुति .......
जनाब शायद लोग ऐसे कॉल को मिस करना चाहते हो पर नहीं कर पाते ........

पढ़िए और मुस्कुराइए :-
क्या आप भी थर्मस इस्तेमाल करते है ?

AlbelaKhatri.com said...

अगले जनम में फिर मिलना यहीं इसी जगह
ज़रूर बताऊंगा

Mrs. Asha Joglekar said...

वह मिसेज ही होती हैं जो मिस कॉल दे कर पति को सही रास्ता मिस करने से बचाती है ।

बी एस पाबला said...

हा हा

आप तो पहले ही लिख चुके कि यह बहुत कठिन सवाल है, फिर भी एक कोशिश :-)
मिसेज की कॉल को मिस कॉल इसलिए कहा जा सकता है कि:
वह आपको (पति को) मिस कर रही।
उसे यह डर है कि आप किसी मिस के साथ हैं।
उसका, अपने अंदर की मिस को बाहर लाने का इरादा है।
वह यह बताना चाह रही कि आप कुछ मिस कर रहे।
यह मिसेस (बहुवचन ऑफ़ मिस) की बहुत सारी कॉल्स में से एक कॉल है।
मिसेस को स्कूल में बच्चे मिस कहकर बुलाते हैं
उन बच्चों के पिता भी, उन्हें मिस कह संबोधित करते हैं
(बेचारा) पति यह सोच कर रह जाता है कि वह पिस कर भी इन 'झंझटों' से कितना कुछ मिस कर रहा

देख लीजिए अनिल जी, मैंने यह सवाल मिस नहीं किया :-)

हा हा हा

बी एस पाबला said...

वैसे मोबाईल का हिचकी लेना पसंद आया। मतलब कोई आपको याद कर रहा! बरास्ते मोबाईल

M VERMA said...

शादीशुदा के खयालों में भी 'मिस' होती है इसलिये शायद ...

Arvind Mishra said...

बेहोशी के तीन डाक्टरों के बीच एक अकेला मदहोश ।ऐसा वाक्य होता तो ज्यादा मजेदार होता =सुधर अब भी कर सकते हैं :)
रही बात मिसेज की काल कितनी ही आती रहे जब किन्ही ज्ञात अज्ञात कारणों से उसका जवाब न दिया जाय तो वह मिसेज (मिस का प्लूरल ) काल कहलाती है ....आपके मित्र की काल जरूर मिस काल थी मिसेज होती तो फिर फिर आती ...नाक में दम कर देती ... :)

डॉ टी एस दराल said...

मिसेज के कॉल को मिस कर दें , इतनी हिम्मत किसी शादी शुदा आदमी में नहीं होती । बस तमन्ना होती है जो दिल में ही रह जाती है ।

Anil Pusadkar said...

पाबला जी तुस्सी गरेट हो जी।

प्रवीण पाण्डेय said...

सच में कठिन प्रश्न है।

ajit gupta said...

पहले तो अनिल जी कि सवाल कितना भी कठिन क्‍यों ना हो लेकिन इतना भी कठिन नहीं होता कि उसे बड़ी ई की मात्रा लगानी पडे। हा हा हाहा। आप काहे का मिस काल के चक्‍कर में पड़ रहे हो वैसे भी यह मिस्‍ड काल है। भूतकाल में चली जाती है, मिस।

महफूज़ अली said...

वाकई में बहोत ही कठिन सवाल है...

निर्मला कपिला said...

हा हा सही मे कठिन सवाल है मगर रोचक है। दे3खते हैं आपकोक्या जवाब मिलता है। शुभकामनायें

Truth or Dare said...

kyunki unhe apni biwi ko miss ki tarh dekhnaa chhte hain

राज भाटिय़ा said...

अजी वो मिस काल नही चेतावनी थी कि दस मिंट मे घर वापिस आ जाओ वरना....., ओर हमारी हिम्मत कभी नही हुयी कि मिसेज की काल को मिस काल कहे, इस लिये पता नही . राम राम

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

काफी अच्छे जवाब मिल चुके हैं ...पाबला जी ने काफी अच्छा विश्लेषण कर दिया है ..

cmpershad said...

`बेहोशी के तीन डाक्टरों के बीच एक अकेला बेहोश।'

होश वाले बेहोशी की दवा कर :)

ali said...

पाबला जी से सहमत :)

G.N.SHAW said...

call may be of miss or missed but it is a warning call.

कमलेश भगवती प्रसाद वर्मा said...

BADHIYA RCHNA..

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

पाबला जी के पैर मे सबका पैर

डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर said...

ये उसी तरह की कॉल (काल नहीं) होती है जो कोई मिस की याद दिलाते हुए बता दे कि इस मिसेज को मिस न करना.....
जय हिन्द, जय बुन्देलखण्ड

प्रति रविवार एक पोस्ट का विश्लेषण, जरूर देखें

Neeraj नीरज نیرج said...

:) :) मज़ेदार.. बढ़िया नुक्ताचीनी कर दी..

शिवम् मिश्रा said...

दिल के खुश रखने को........ ग़ालिब यह ख्याल ...........अच्छा है !!

Rahul Singh said...

आपकी फिक्र और जिज्ञासा को आपके डॉक्‍टर मित्र किसी रोग का लक्षण न मान बैठें, आपको खबर भी न होगी, जब तक होश आए, आपके शुभचिंतक इलाज में जुट चुके (हो सकता है 'कर चुके') हों.

अन्तर सोहिल said...

पाबला जी ने बता ही दिया है
हमतो ना बूझ पाते जी यह पहेली

प्रणाम

DEEPAK BABA said...

बढिया लगा आपका अंदाज़.


"जब कोई मिस काल करती है तो वो मिस काल कहलाती है"


आपके लेख के बाद ये परिभाषा उपयुक्त रहेगी मिस काल के लिए.

दुधवा लाइव said...

क्या बात हैं, बाते खोज लेते हैं वह भी सुन्दर!

डॉ महेश सिन्हा said...

पता नहीं यह पोस्ट कैसे मिस हो गयी मुझसे