Sunday, February 27, 2011

सच बताना!क्या आपको पता है कि कोलकाता से मुम्बई(व्हाया नागपुर) के लिये आज भी रात की रेल सुबह छोड़ी जाती हैं?

एक छोटी सी पोस्ट,एक छोटा सा सवाल,जो ये साबित करने के लिये काफ़ी है कि हमारी सरकारें निकम्मी और नाकारा हैं।उन्हे सिर्फ़ और सिर्फ़ वोटों की राजनीति करना आता है या लफ़्फ़ाज़ी।बस इसके अलावा कोई कुछ नही जानता।अब बताईये रेल मंत्री ममता ने रेल बजट में नक्सल क्षेत्र चन्द्रपुर(महाराष्ट्र)मे नई रेल चलाने की घोषणा की है!बताईये मेन लाईन पे छोटे से नक्सल पैच से तो रात को रेल चला नही पा रही है और नई रेल चलाने की घोषणा की जा रही।ईमानदारी से पूछूं तो बजट के दौरान तालियां बज़ाने वालों से लेकर गालियां बकने वालों तक़ को ये नही पता होगा कि पिछले नौ महिने से ज्यादा समय से कोलकाता से रात को मुम्बई(व्हाया नागपुर)के लिये रात को छुटने वाली रेलों को सुबह होने पर ही रवाना किया जाता है,चाहे कुछ भी हो जाये?टाईम टेबल में चाहे कोई भी समय लिखा हो वो रेलें सुबह होने के बाद ही छोड़ी जाती है,क्या ये नक्सलियों के सामने हथियार डालने जैसा नही है? आप ही  बताना!क्या आपको पता है कि कोलकाता से मुम्बई(व्हाया नागपुर) के लिये आज भी रात की रेल सुबह छोड़ी जाती हैं?ऐसा महिनो से हो रहा है और कब तक़ चलेगा? किसी को भी पता नही?

5 comments:

डॉ महेश सिन्हा said...

ममता बनेरजी ने कहा है की जहां रेल नहीं रोकी जाएगी वहाँ 2 नई ट्रेन और 2 नए प्रोजेक्ट चालू होंगे ।
जहां रोकी जाएगी उसके बारे में कोई प्रावधान है क्या की दो ट्रेन बंद कर दी जाएगी

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

kamaal ho gaya....

Suresh Chiplunkar said...

नक्सलियों के सामने बिछे जाने का एक उदाहरण तो अभी हमने उड़ीसा में भी देख लिया… जहाँ "मुफ़्ती सईद सिण्ड्रोम" से पीड़ित भारत की पिलपिली व्यवस्था ने 14 खतरनाक नक्सलियों को रिहा कर दिया।

प्रवीण पाण्डेय said...

पूर्वोत्तर राज्यों में न जाने कब से यह हो रहा है, उत्तर राज्य सरकारों को देना चाहिये इस विषय में।

शरद कोकास said...

रेल्वे वाले बेशर्मी से इसे ट्रेनो का रिस्यिडूल करना कहते हैं ।