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Saturday, June 25, 2011

अच्छा किया मैडम डीज़ल,कैरोसिन और रसोई गैस के दाम बढा दिये!वाट ए डिसीशन मैम!इतना बोल्ड स्टेप तो सिर्फ़ आप ही ऊठा सकती है!

डीज़ल,कैरोसीन और रसोई गैस के दाम बढा दिये गये।पहले से ही महंगाई की मार से कराह रही आम जनता उफ़ भी नही कर पा रही है और विपक्ष फ़ार्मेलिटी के लिये ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने का नाटक कर रहा है।गरीबों की मसीहा माया और ममता बहन भी अपने-अपने लफ़डों मे उलझी हुई हैं और वामपंथी तो बंगाल का इलेक्शन हार जाने के बाद से सन्नाटे में है।उन्हे अब गरीब अपना नही ममता का हमदर्द नज़र आ रहा है और वे समझ ही नही पा रहे हैं कि इसका विरोध करें या ना करें।सारे देश मे हाहाकार मचा हुआ है और ऊधर सरकारी कैम्प मे जयजयकार्।सरे चाटूकार इस फ़ैसले को देश के लिये अहम बताने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं।सब के सब एक ही सुर मे गा रहे हैं,वाट न आईडिया कि तर्ज़ पर वाट ए डिसीशन।ओह इतना बोल्ड डिसीशन तो सिर मैम ही ले ले सकती हैं या मैन,मैन मीन्स यू नो ना मैम्स मैन हा हाहा हा हा।मैम और मैन का काम्बीनेशन ही इस देश को बचा सकता है,महान बना सकता है।और जाने क्या-क्या?                                                                                                                                                 एक सरकारी भाई को तो इसमे भी भाजपा और आरएसएस का हाथ नज़र आ गया।उसने तो बाकायदा चिल्लाना शुरू कर दिया अच्छा किया  मैम जो आपने कैरोसिन के दाम बढा दिये।ये सब साले गरीब कैरोसिन से दिया जलाने वाले लोग हैं।ये आज भी जनसंघ का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।ये आज भी दिया छाप को नही भूले हैं।मैं तो  कहता हूं कि कैरोसिन के दाम और बढा दिये जाने चाहिये।फ़िर देखते हैं कैसे जलायेंगे दिये।मैम  ये दिया छाप क जो प्रचार चोरी-छिपे किया जा रहा था उसी का नतीजा है शहरों की पार्टी भाजपा अब गांवो तक़ पंहुच गई है।और इसके पीछे पक्का आरएसएस का हाथ है।                                                                           डीज़ल,रसोई गैस और कैरिसिन के दाम बढने पर देश की आम जनता की  प्रतिक्रिया पूछने से पहले ही सारे पेपर टाईगर दहाड़ने लग गये है।वाट ए डिसीशन मैम।जनता बहुत खुश है।अब जनता मे अमीर-गरीब के बीच की खाई पाट्ने के लिये ज्यादा मेहनत नही करनी पड़ेगी।सबसे अच्छा तो ये हुआ है मैम कि बीच वाले यानी मिडिल क्लास की तो पूरी वाट लग जायेगी।यही लोग साले चिल्ला रहे थे भ्रष्टाचार कम करो।काला धन वापस लाओ।टीए डीए बढने से सालों का पेट भर गया था और खाली टाईम मे अन्ना और बाबा की चर्चा मे लगे रह्ते थे।अब सालों को याद ही नही आयेगा भ्रष्टाचार,लग जायेंगे महंगाई से जूझने में।खूद करने लगेंगे अब घूसखोरी।कंहा से डलावायेंगे अब डीज़ल,पेट्रोल,रसोई गैस खरीदने में ही सारी एनर्जी निकल जायेगी।अन्ना ज़िंदाबाद चिल्लायेंगे तो मुंह से निकलेगा महंगाई कम करो।कंहा से पटायेंगे अब बैंक की किश्त?पता चलेगा सालों को,इसी इंस्टालमेंट मे गाड़ी खरीद कर हमारे लोगों से बराबरी करने चले थे।और इसी चक्कर मे गरीब भी हमसे नाराज़ हो चला था कि मिडिल क्लास खूब तरक़्क़ी कर रहा है।सरकार उसके लिये सब कुछ कर रही है और हमारे लिये नही।अब वे भी खुश हो जायेंगे जब दोनो सरकारी बस में एक साथ धक्के खायेंगे।ये साला मिडिल क्लास कुछ ज्यादा ही एक्टिव हो गया था।राजनीति की बात करने लगा था।अच्छा हुआ कि उनका सिर उठने से पहले ही कुचल दिया।अब करें साले राजनीति की बात्।उलझे रहेंगे दिन रात दाल-रोटी के चक्कर में।मैं तो कहता हूं की तेल कंपनियों के घाटे की आड़ में और दाम बढा दिये जाने चाहिये।कुछ तो फ़र्क़ रहना चाहिये अमीर-गरीब का इस देश में।सरकार को भी तो पता चलना चाहिये कि फ़लाना अमीर है और ठिकाना गरीब्।अभी तो सरकार की जनकल्याण कारी योजनाओं का फ़ायदा उठा कर जनता अमीर के बराबर आ गई है।हमारा नारा गरीबी हटाओ शायद इसिलिये एफ़ेक्टिव्ह नही रहा और हम चुनाव मे गरीबों के चक्कर मे लगातार निपट रहे हैं। मैं तो कहता हूं मैम एक बार और दाम बढा दो।सब साले महंगाई-महंगाई चिल्लाते रह जायेंगे।भ्रष्टाचार के बारें मे तो सोच भी नही पायेंगे।फ़िर देखते है उस अन्ना को।गन्ना समझ के पेर देंगे पोलिस के डंडो के बीच।ना रहेगा बांस,ना बज़ेगी बांसुरी।बांसुरी अगर बज़ेगी भी तो चैन की और बज़ायेंगी भी तो आप मैम।आप से अच्छी बांसुरी तो स्वयं भगवान कृष्ण भी नही बज़ाते थे।उनकी बांसुरी पर तो सिर्फ़ राधा और गऊयें ही आती थी।आपकी बांसुरी पर तो ममता,समता,गऊ,सांड,बिल्ली और और और ना जाने कौन कौन नही खींचा चला आता।मुझे लगता है कि तारीफ़ कुछ ज्यादा ही हो गई है।अगर मैम को पता चला तो हो सकता है एकाध बड़बोले का पद हमको भी दे दे।बदतामीजी मे हम भी उन लोगों से ज़रा भी कम नही है।खूब जमकर गाली-गलौच करेंगे।सार्वजनिक नलों पर पानी भरने वाली गंदी बस्ती के लोग भी शरमा जाये ऐसी।हा हा हा हा देखना दुआ करना कि कोई पद ही मिले कंही पड़ ना जाये दो चार हाथ,आरएसएस का एजेंट है कह कर्।

9 comments:

Udan Tashtari said...

याद ही नही आयेगा भ्रष्टाचार,लग जायेंगे महंगाई से जूझने में......बस इसी भटकाव की उम्मीद में यह चाल चली है...सब इसको कम करने की मांग में भ्रष्टाचार का मुद्दा भूल जायें तो इसे कम कर देंगे फिर....


आप तो सब समझते हैं. :)

जाट देवता (संदीप पवाँर) said...

अनिल भाई, दूसरा पैरा सबसे जबरदस्त लगा, सच में दिल खुश हो गया है।

Kajal Kumar said...

अपने हिस्से के तेल गैस तो अंबानियों को बेचे दे रहे हैं और अरबियों का महंगा माल पेल रहे हैं ठस्से से मेरी छाती पर...

क्या करूं.

प्रवीण पाण्डेय said...

कम से कम जमा पैसा तो बाहर आ जायेगा।

Vivek Rastogi said...

बेचारी लाचार जनता इटेलियन महारानी और उनकी सभा के आगे नतमस्तक है।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

जनता की लाचारी,
मँहगाई सब पर भारी!

दिगम्बर नासवा said...

वैसे तो सोनिया जी ने सही किया दाम बढ़ा कर .. अब बाबा जी और अन्ना के मुद्दे पीछे हो जायेंगे ... हा हा .. मजेदार व्यंग है ...

G.N.SHAW said...

यह जादुई छड़ी का कमाल है और बेचारे.....?

Patali-The-Village said...

बेचारी लाचार जनता महारानी और उनकी सभा के आगे नतमस्तक है