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Friday, November 4, 2011

आठ आने का समोसा अब आठ रूपये का हो गया है माई-बाप।

आठ आने का समोसा अब आठ रूपये का हो गया है माई-बाप।आम आदमी का घुमना-फ़िरना तो पहले ही हराम हो चुका है,अब खाना पीना भी दुश्वार है।माई-बाप यानी सोनिया जी और मनमोहन सिंह जी आप भले ही अच्छे हों ईमानदार हो मगर आप जनता का भला नही कर पा रहे हैं।आपसे तो कन्नीमोई,राजा और दयानिधी मारन लाख गुना अच्छे है।उन्होने भले ही लाखों-करोड़ो रूपयों का घोटाला किया हो मगर उनकी कृपा से आज आठ रूपये की काल अब आठ आने की तो हो गई है।कभी इनकमिंग काल के आठ रूपये देने होते थे,वो तो अब बिल्कुल मुफ़्त है समोसे के साथ चटनी जैसे।और आपके राज में तो समोसे के साथ मुफ़्त मिलने वाली चटनी भी खरीदना पड़ रहा है।धन्य है आप माई-बाप।खास आदमी के फ़ोन की काल आठ रूपये से आठ आने और आम आदमी के नाश्ता आठ आने से आठ रूपये।गज़ब कर दिया आप लोगों ने।अमीरों यानी खास आदमियों के हवा में उड़ने के लिये हवाई जहाज के पेट्रोल की कीमत मे कोई ईज़ाफ़ा नही और आम आदमी के रोज़मर्रा की ज़रुरत पेट्रोल की कीमत को ही बढा बढा कर आसमान तक़ पहुंचा दिया।मानना पड़ेगा कांग्रेस का हाथ गरीबों के साथ है,बस अब उसमें हंडिया पकड़ना भर बस बाकी है।गला तो दबा ही चुका है वो हाथ।

6 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

अब तो समोसा खाने में पीड़ा होने लगी है।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

सटीक लिखा है ..इसे तो व्यंग भी नहीं कह सकते ..

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

कल के चर्चा मंच पर, लिंको की है धूम।
अपने चिट्ठे के लिए, उपवन में लो घूम।।

संगीता पुरी said...

जनता सबकुछ झेलने को मजबूर है !!

चंदन कुमार मिश्र said...

पता नहीं क्या क्या होगा? अब आलू भी खाने को मिलेगा कि नहीं?

चन्दन भारत said...

अब तो ईमानदार आदमी भी ढूंढना मुश्किल हो गया है|मंहगाई की मार सबसे पहल ईमानदारी पर पडती है|