Wednesday, November 4, 2015

सारे देश मे अमन चैन कायम है सिवाय कुछ स्टूडियो को छोडकर

पता नही कंहा असहिष्णुता नज़र आ रही है लोगों को.एक दादरी में जरुर वहशियाना हत्याकाण्ड हुआ,जिसमे एक व्यक्ति की हत्या हुई.बाद में उसी गांव में मुस्लिम परिवार की लडकी की शादी हिंदूओ ने धूमधाम से कराई.वंहा कोई असहिष्णुता नही है,गोधरा,गुजरात के बाद सुलग उठा गुजरात आज शांत है,दिल्ली समेत सारे में देश में सिक्खो के खिलाफ नफरत की आग अब नज़र नही आती,फिर पता नही कंहा से कुछ लोगों को असिष्णुता नज़र आने लग गई.मेरा दोस्त मेहमूद नियाज़ आज भी मेरे लिये भाई से बढ कर है.मौदहापारा का सत्तार आज भी मेरे लिये राजेन्द्र ही है.कल्लू मुजीब खलील हक़ीम अजीम आज मेरे भाई है.मै उनके लिये आज भी हिंदू नही हूं उनका भाई ही हूं.फिर जो लोग मुसलमानो के हितो की बात कर रहे हैं,उनमे से कितनो ने मुसलिमों के साथ रोटी बेटी का रिश्ता रखा है.बस राजनीति के चक्कर में देश का माहौल खराब कर रहे हैं और उस पर से न्यूज़ चैनल वाले एक छोटे से गांव में उपजे फौरी उन्माद को सारे देश का मामला बता बता कर पूरे देश की हवा में उस गांव का साम्प्रदायिक ज़हर फैला रहे है.अफसोस आज भी रोजी रोटी के लिये तरस रहे लोगों की चिंता की बजाय असहिष्णूता के विषय पर बहस कर रहे हैं,वे लोग,जिन्हे धर्म राजनीती और सम्प्रदाय से कुछ लेना देना है ही नही.थू है साले ऎसे सडेले सिस्टम पर जंहा बेवजह वातावरण के खतरनाक होने पर चिल्लपौं मचाने की खुली छूट है,उन लोगो को,जिनका इस मामले से ज़रा भी सरोकार नही.हिंदू मुसलमान सारे चैन से सारे देश में मिलजुलकर रह रहे है,बस दो चार न्यूज़ चैनल के स्टूडियो को छोडकर.जंहा बैठे कुछ लोग ढूंढ कर विवादित बयान ला रहे है और उसे दिखा दिखा कर और फसाद फडफडा रहे है.

4 comments:

jaydevbarua said...

जी सर प्रगतिशील बना रहना बहुत ज़रूरी है |

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (06-11-2015) को "अब भगवान भी दौरे पर" (चर्चा अंक 2152) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

सु-मन (Suman Kapoor) said...

सही

jaydevbarua said...

सर आपकी आवाज बुलंद हो और लोगों का मार्गदर्शन करने का समय आ चूका है |