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Saturday, November 7, 2009
आसमानी करतबों को देख थम सी गई थी ज़मीनी हलचल!
राज्योत्सव मे वायुसेना
की एक्रोबेटिक टीम सूर्यकिरण के जाबांज़ लड़ाको ने आज शाम छतीसगढ मे ऐतिहासिक प्रदर्शन किया।छत्तीसगढ के आसमान पर हैरतअंगेज़ कारनामों का ये पहला मौका था।छत्तीसगढ ने भी अपनी वायुसेना के जाबांज़ लड़ाको का दिल खोल कर स्वागत किया और जब आसमान पर सूर्यकिरण के जाबांज़ लड़ाके अपने करतब दिखा रहे थे उस समय राजधानी की जैसे नब्ज़ थम सी गई थी।सब स्तब्ध होकर अपने बहादुर देशरक्षको का कमाल देख रहे थे।आसमान पर कलाबाजियों और सांस को थमने पर मज़
बूर कर देने वाले कारनामो का दौर ठीक बीस मिनट चला।इस दौरान सेना के जेट विमानों की गरज़ से आसमान कांपता रहा और उनके करतबों को देख कर ज़मीन पर लाखों लोगो के मुंह से सिर्फ़ और सिर्फ़ वाह के सिवाय कुछ ना निकला और हाथ बरबस तालियां बजाने पर मज़बूर होते रहे और सलाम करते रहे देश की वायुसेना के जाबांज़ लड़ाको को।सलाम,सलाम,सलाम।रणबांकुरो तुम्हे सलाम।इस आयोजन ने जंहा वायुसेना जनता का दिल जीतने मे कामयाब रही वंही जनता के करीब लाने का श्रेय प्रदेश के मुख्यमंत्री डा रमन्सिंह के खाते मे गया।पहली बार एयरशो देख रही ज
नता खासी रोमांचित रही,लोगों की भीड़ उमड़ पडी थी शो देखने के लिये और आसपास के शहरों से भी लोग यंहा आये देखने के लिये।ट्रेफ़िक पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा।इसके बावज़ूद लोग खुश मज़र आये।राज्योत्सव के दौरान हुआ ये पहला कार्यक्रम था जिसने तमाम अव्यवस्थाओं के बावज़ूद भी घोर आलोचको को खामोश रहने पर मज़बूर कर दिया।शायद आसमान पर हैरतअंगेज़ कारनामे देख कर उन्होने दांतो तले उंगली दबा ली थी।
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