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Sunday, August 14, 2011

यानी अब जो भी सरकार के खिलाफ बोलेगा,उसे या तो पीटा जायेगा,या उसे दुनिया भर के आरोप लगा कर भरे बाज़ार नंगा कर दिया जायेगा

 एक और छोटी सी पोस्ट.यानी अब जो भी सरकार के खिलाफ बोलेगा,उसे या तो पीटा जायेगा,या उसे दुनिया भर के आरोप लगा कर भरे बाज़ार नंगा कर दिया जायेगा.मतलब ना रहेगा बांस और ना बजेगी बांसुरी.अच्छा हुआ अपुन ने कुछ नही बोला वर्ना स्कूल में पेंसिल,कापी,से लेकर टिफीन की रोटियां,टाफी,छोटे भाई-बहन के गुल्लक से चवन्नी-अट्ठनी चुराने के सारे किस्से सामने आ जाते.बच गया भाई.बाप रे बाप क्या सिस्ट्म है,सूचना एकत्रित करने का.साला जेम्स बाण्ड भी पांव पकड कर चेला बनाने कि चिरउरी करता.

Monday, September 6, 2010

सरकारी आइटम बिल्कुल नही चलेगा सिवाय सरकारी नौकरी के!

सरकार को गाली देना बहुत आसान है,बहुत क्या सबसे आसान है.कुछ भी होता है मुँह खोलो और सरकार पर गँदे-गँदे गालियोँ के गोले बरसा दो.सड्क से लेकर रेल और हवाई जहाज और नाली से लेकर नल,दवा से लेकर दारु और दारु से लेकर अनाज ,चाहे कोई भी मामला हो सरकार को गाली देना ज़रुरी है.अपराध से लेकर बेरोज़गारी सबके लिये  सरकार ज़िम्मेदार है और आप?हमे तो बस सरकारी नौकरी चाहिये!सरकारी अस्पताल मे इलाज कराना नही,सरकारी स्कूल मे बच्चोँ को पढाना नही,सरकारी राशन खाना नही,सरकारी बस मे चढना नही.बस नौकरी चाहिये सरकारी.वाह रे पब्लिक.