Thursday, January 20, 2011

आखिर कब तक़ छत्तीसगढ को केन्द्र में उपेक्षित रखियेगा सोनिया-राहुल जी!

केन्द्रीय मंत्रिमण्डल  में बहुचर्चित विस्तार भी हो गया।महंगाई और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की दिशा में एक और कथित सार्थक (जिसे फ़ार्मल कहा जाये तो बेहतर होगा) कदम उठा कांग्रेस हाई कमान ने।आने वाले समय में राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनावों को तो ध्यान में रखा गया मगर इस बात कि ओर ज़रा भी ध्यान नही दिया गया कि कुछ गंभीर समस्या ग्रस्त राज्यों को सालों से केन्द्र में प्रतिनिधित्व नही है।छत्तीसगढ उनमे प्रमुख है।पिछली सरकार के कार्यकाल के खत्म होने तक़ यही आस बंधाई जाती रही कि अबकी बार छत्तीसगढ को केन्द्र में प्रतिनिधित्व मिलेगा,मगर ऐसा हुआ नहि और कार्यकाल समाप्त हो गया।

बिल्ली के भाग से एक बार और छिका फ़ूटा और केन्द्र में एक बार फ़िर बिना कुछ किये-कराये सरकार बन गई और इस बार पोलोटिकल ब्लैकमेलरो का पिछली बार जितना दबाव भी नही था।इस बार भी छत्तीसगढ की जनता ने  कांग्रेस का एक सांसद चुन कर दिल्ली भेजा।इस बार ऐसा लगा कि सोनिया-राहुल एण्ड कंपनी छत्तीसगढ से  एकमात्र चुने गये कांग्रेसी सांसद का मान रखेंगी,मगर लगता है कांग्रेस को छत्तीसगढ की ज़रा भी परवाह नही है।

घोर नक्सलवाद से झूझ रहे छत्तीसगढ को केन्द्रीय मंत्रिमण्डल में प्रतिनिधित्व नही दिया जा रहा है यंहा तक़ तो ठीक है,पता नहीं दोनो कथित गांधियों को छत्तीसगढ से क्या एलर्जी है,जो यंहा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लिये एक पूर्णकालिक अध्यक्ष तक़ नही दे पा रही है।मैं यंहा किसी भी प्रकार की गुटीय राजनीति या कलह का उल्लेख नही करना चाहता हूं।सवाल बस इतना सा है कि आखिर कब तक़ कांग्रेस आला कमान इस तरह से एक नक्सल समस्या से ग्रस्त एक तेजी से विकसित हो रहे राज्य की उपेक्षा करता रहेगा।क्या यंहा भी विधान सभा चुनाव की घोषणा होने तक़ किसी को प्रतिनिधित्व नही देकर गांधी एण्ड कंपनी दूसरे राजनैतिक उद्देश्यों की पूर्ती करती रहेगी?आखिर कब तक़ यूंही उपेक्षा होती रहेगी इस प्रदेश की?

6 comments:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

अभी उम्मीद बाकी है..

ललित शर्मा said...

छत्तीसगढ की उपेक्षा करना निंदनीय है।
मंत्री मंडल में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।

"अभियान भारतीय" said...

छत्तीसगढ़ को प्रतिनिधित्व अवश्य दिया जाना चाहिए....
पर अब शायद चुनाव तक पुनः इंतजार करना पड़े |

G.N.SHAW said...

ise hi chanakya niti kahate hai.....क्या स्वप्न भी सच्चे होतें है ?...भाग-५.,यह महानायक अमिताभ बच्चन के जुबानी.

प्रवीण पाण्डेय said...

बजट के बाद पुनः कुछ होना है।

shubham news producer said...

Durg Jile Ke ek aisa hi sansad hai varso se Rajya sabha sansad bane hai aur abhi bhi hai jo ki hamesha soniya ji ke pichhe khade nazar ate hai. aj tak unhone Apne jile ka ek kam nahi kiya to chhattisgarh ke bare mein kya sochenge bus in sab ko to rajsi thathbath chahiye.