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Saturday, September 3, 2011

केजरीवाल से नौ लाख रुपये की वसूली बहुत ज़रूरी है?और जो राजा,कन्नीमोज़ी,मारन एण्ड कम्पनी ने किया उसमे,उसमे तो मारन के खिलाफ़ सबूत भी नही मिल रहे हैं

केजरीवाल से नौ लाख रुपये की वसूली बहुत ज़रूरी है?और जो राजा,कन्नीमोज़ी,मारन एण्ड कम्पनी ने किया उसमे,उसमे तो मारन के खिलाफ़ सबूत भी नही मिल रहे हैं।नोट काण्ड़ में अमर सिंह के खिलाफ़ तो सबूत मिलते हैं,मगर अहमद पटेल को क्लीन चिट दे दी जाती है।अजब तेरी कारीगरी रे सरकार।किसी मामले में क्लोज़र भेजा जा रहा है तो किसी मामले में एडिश्नल चार्ज़शीट दाखिल की जा रही है।वाह सरकारी डंडा सिर देख-देख कर चल रहा है।

5 comments:

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

सरकारी डंडा सिर देख-देख कर चल रहा है...

Ratan Singh Shekhawat said...

अपनों को बचाओ और दूसरों को फंसवो ,कांग्रेस की ये निति शुरू से ही रही है पर उसे पता नहीं ये जनता अब सब समझने लगी है|

way4host

ajit gupta said...

सरकारी डंडा होता ही इसलिए है कि देखभाल कर चले।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है!
यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

हिमांशु गुप्ता said...

राजा की अगाड़ी पड़ने का खामियाजा तो भुगतना ही पड़ता है