Wednesday, November 16, 2011

पत्रकारिता के अग्रदूत और दैनिक अग्रदूत के संपादक आदरणीय विष्णु भैया नही रहे

पत्रकारिता के अग्रदूत और दैनिक अग्रदूत के संपादक आदरणीय विष्णु भैया नही रहे।उन्होने आज तड़के अंतिम सांस ली।पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखने वाले विष्णु भैया के साथ मुझे भी काम करने का सौभग्य से मौका मिला।मेरी जानकारी के मुताबिक अपने अखबार के पत्रकार के निधन पर अखबार का प्रकाशन स्थगित करने वाले वे शायद अकेले पत्र मालिक रहे होंगे।राजनीति को बेहद करीब से देखने वाले विष्णु भैया ने मगर खुद को हमेशा राजनीति से दूर ही रखा।परम संतोषी और शायद सभी विषयों पर समान अधिकार रखने वाले विष्णु भैया का धर्म और अध्यात्म पर तो अद्भुत अध्य्यन था।पढने का बेहद शौक था उनको और रायपुर को अच्छे से जानने वाले उन्हे किताबों की मशहूर दुकान भारती भण्डार के मालिक के रूप मे भी जानते हैं।दोस्ती निभाने में अव्वल नम्बर विष्णु भैया ने नेताओं की भी जमकर खबर ली है।जंहा तक़ मैने उन्हे समझा वे नाम के विष्णु थे मगर वे थे भोलेनाथ।सच में भोले भण्डारी ही थे वे।परम संतोषी,अपने आप मे मस्त।न सत्ता का ग्लैमर उन्हे छू पाया था और ना ही घन ऐश्वर्य का।गिनती के दोस्त और ज्यादातर समय अपने आप मगन विष्णु भैया हम सबको छोड़ कर चले गये है।कभी ना लौट आने के लिये।ईश्वर ने उन्हे अपने पास बुला लिया है।उनका यूं चले जाना छत्तीसगढ और मध्यप्रदेश की पत्रकारिता का स्वर्णीम अध्याय का समाप्त हो जाना है।ये पत्रकारिता के लिये अपूर्णीय क्षति है ही मेरे लिये व्यक्तिगत क्षति है।शत शत नमन।श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं उनको। ईश्वर मृतात्मा को शांति दे और उनके परिजनो को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दे। ॐ शांति शांति शांति।

4 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

विनम्र श्रद्धांजलि।

जाट देवता (संदीप पवाँर) said...

भगवान आत्मा को शांति दे

Atul Shrivastava said...

श्रध्‍दांजलि.....

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

विष्णु भैया को विनम्र श्रद्धांजलि! ईश्वर उनकी आत्मा को शांति और परिजनो को शक्ति दे!