निशांत हमारे बगल के घर के बगल मे रहते हैं। लगभग साल भर अगल-बगल रहने के बाद भी कभी परिचय का मौका नही आया था। उनके पिता से जरूर बात हो जाती थी। अभी हाल मे कालोनी की खस्ता-हाल सड़को मे से एक अपने घर के सामने वाली सड़क को जब हमने बनवाना शुरू किया तो उनसे परिचय हुआ।दरअसल उन्का विवाह तय हो चुका था और सड़क बनाने की सरकारी रफ़्तार से वे चिंतित थे। मैने उन्हे आश्वस्त किया कि उनके विवाह के पहले सड़क बन जायेगी। इस दौरान काफ़ी बात हुई और मैने उन्हे ब्लाग के बारे मे बताया। उन्होने अपने कार्टून ब्लाग पर डालने की इच्छा जताई। फ़िलहाल वे मेरे ब्लाग पर कार्टून पोस्ट करके शुरूआत कर रहे हैं।ज़ल्द ही उनका अपना ब्लाग होगा। ये मेरे लिये भी गर्व की बात है कि मैने अपने पड़ोसी तक़ को ब्लागर बना ड़ाला।निशांत यंहा छत्तीसगढ,मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से प्रकाशित होने वाले मध्य-भारत के लोकप्रिय अख़बार नव-भारत के लिये कार्टून बनाते हैं।न्यायिक सेवा मे जाना उनका लक्ष्य है और उसकी तैयारी मे जुटे है। निशांत युवा जरूर है मगर विषयों के मामले मे काफ़ी परिपक्व हैं।ताज़ा घटनाक्रम पर तो उन्की नज़र रहती ही है,वे सामाजिक मुल्यो की नब्ज़ पर भी समय-समय पर हाथ धरते रहते हैं।



