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Saturday, May 19, 2012

यंहा कांग्रेस को कांग्रेस के नेताछत्तीसगढ में कांग्रेस की हार का कारण राहुल गांधी की समझ में अब आ गया है.वे जान गये है कि ही हरा रहे हैं.

यंहा कांग्रेस को कांग्रेस के नेताछत्तीसगढ में कांग्रेस की हार का कारण राहुल गांधी की समझ में अब आ गया है.वे जान गये है कि  ही हरा रहे हैं.बहुत सही समझा राहुल जी.वैसे तो कांग्रेस की दुर्गति का कारण सारे देश में यही है फिर भी छत्तीसगढ में गुटबाजी कुछ ज्यादा ही है.यंहा नेता ज्यादा और कार्यकर्ता कम है.उनमे भी कार्यकरने वाले कर्ता और कम और कार में घूमने वाले कर्ता कुछ ज्यादा ही है.वर्ना कभी छत्तीसगढ कांग्रेस का मज़बूत गढ माना जाता था.छत्तीसगढ की बदौलत मध्यप्रदेश में कांग्रेस सत्ता पर सवार रहती थी.और बस्तर उससे ज्यादा मज़बूत गढ तो कांग्रेस का हो ही नही सकता और आज देख लीजिये छत्तीसगढ में दो चुनावों मे हार हो चुकी है और गुटबाजी जिस कदर हावी है उससे साफ नज़र आ रहा है आने वाले चुनाव भी राहत देने वाले नही होगे.बस्तर तो हाथ से ही निकल गया है.अब समय आ गया है कारण की सर्जरी का.कुछ कडे कदम बहुत ज्यादा अच्छे परिणाम दे सकते हैं.

Saturday, January 28, 2012

अगर यु पी के लोग महाराष्ट्र में मज़दूरी करने की वजह से आपको भिखरी नज़र आये तो इटली में मज़दूरी करते पंजाबी लोग आपको भिखारी क्यों नही लगे?

वाह क्या कहना है आपका राहुल जी!मान गये आपको!अगर यु पी का आदमी रोज़गार के लिये महाराष्ट्र जाता है तो आप कहते है कि यु पी के लोग महाराष्ट्र में भीख मांग रहे हैं और जब आप को पंजाब के लोग इटली के खेतों में मज़दूरी करते नज़र आते है तो आप कहते हैं कि पंजाब के लोग इटली को चला रहे हैं.अगर यु पी के लोग महाराष्ट्र में मज़दूरी करने की वजह से आपको भिखरी नज़र आये तो इटली में मज़दूरी करते पंजाबी लोग आपको भिखारी क्यों नही लगे?एक ही काम के लिये आपके दो दो नज़रिये क्यों?एक ही काम के लिये आपकी दो दो परिभाषा क्यों?कंही इसलिये तो नही कि आप भी दो नस्लो के प्रतिनिधी हैं?कंही इसलिये तो नही कि इटली आपका ननिहाल है?आखिर क्यों फर्क़ है आपके नज़रिये में?क्या सिर्फ चुनावी नज़रिया है?पंजाब के लोगों की तारीफ और युपी के लोगो के ज़ख्मों को कुरेद कर उसपर मरहम लगा कर सिर्फ और सिर्फ वोट बटोरना ही आपका उद्देश्य है?

Saturday, November 5, 2011

राहुल बाबा अब आपको गुस्सा नही आ रहा है क्या?पेट्रोल के दाम फिर से बढा दिये गये है.ममता धमकी दे रही है.ममता.....माया नही

राहुल बाबा अब आपको गुस्सा नही आ रहा है क्या?पेट्रोल के दाम फिर से बढा दिये गये है.ममता धमकी दे रही है.ममता.....माया नही ममता.सरकार भी कह रही दाम नही घटायेंगे.किसी एक प्रदेश में नही सारे देश में लोग गुस्से से प्रदर्शन कर रही है.आपकी सरकार की विरोधी नही सहयोगी ममता आपके प्रधानमंत्री समेत सरकार को आंख दिखा रही है.क्या आपको अब भी गुस्सा नही आ रहा है?क्या पेट्रोल से ज्यादा जरुरी है यु पी की सडक.वंहा की बिज़ली.क्या आपको सिर्फ यू पी पर ही गुस्सा आयेगा.क्या डीएमके की नाराज़गी का भी आप पर असर नही हुआ है?क्या आपको अपने पार्टनर डीएमके पर गुस्सा नही आ रहा है?अगर उस पर नही आ रहा है तो क्या डीएमके को नाराज़ करने वाली तेल कंपनियों पर भी गुस्सा नही आया?क्या आपको सिर्फ माया पर ही गुस्सा आयेगा?क्या आम आदमी के गुस्से से आपको कुछ लेना-देना नही है?देखो भैया आप पर लोगों को बहुत भरोसा है?युवा वर्ग को आप से बहुत उम्मीद है.वे आप पर बहुत भरोसा करते है?कांग्रेस के नेताओं की भी आप बडी उम्मीद हैं.कुछ आम लोगों का भी खयाल करो.कभी उनके गुस्से के साथ भी गुस्सा ज़ाहिर करो.सिर्फ यु पी पर ही गुस्सा ठीक नही है,वर्ना हम बोलेगा तो बोलोगे के बोलता है.

Wednesday, November 2, 2011

राहुल गांधीजी सिर्फ उत्तरप्रदेश या गैर कांग्रेसी सरकार वाले राज्यों में ही गुस्सा आता है क्या?

राहुल गांधी जी को गुस्सा आता है उत्तर प्रदेश जाने पर.पता है क्यों?क्योंकी वंहा बिज़ली नही है,पानी नही है,सडक नही है.सही है गुस्सा आना भी चाहिये,लेकिन सवाल ये उठता है कि उन्हे गुस्सा सिर्फ उत्तरप्रदेश या गैर कांग्रेसी सरकारों वाले राज्यों मे ही क्यों आता है?उन्हे महाराष्ट्र पर गुस्सा क्यों नही आ रहा है?वे तो अभी हाल ही में गये थे वंहा अन्ना के आंदोलन के समय.वंहा भी तो बिजली का संकट पिछले सालों से जस का तस है.वंहा कांग्रेस की ये तीसरी बार सरकार है.वंहा गांवों मे आज भी बिजली कब जाती है नही कब आती है पूछा जाता है.वंहा तो किसान भी मर रहे हैं.वो कलावती भी मर गई,जिससे मिलकर आप बहुत दुःखी हुये थे.वंहा क्यों गुस्सा नही आता.सिर्फ उत्तरप्रदेश में ही क्यों गुस्सा आता है.जनता को सब पता है,वो सब जानती है.ये चुनावी दांव-पेच अब पुराने पड गये है.कोई नया इटैलियन आईडिया लाओ कांग्रेसियों के युवराज जी.आपकी तरह वे भी आपकी ताजपोशी के लिये बेकरार हैं.

Friday, July 8, 2011

राहुल गांधी का कहना है कि यूपी को दलाल चला रहे हैं,मेरा सवाल ये है कि तो फ़िर दिल्ली की सरकार या देश को कौन चला रहा है?

एक छोटी सी पोस्ट बहुत बड़ा सा सवाल लिये हुये।राहुल गांधी को उत्तरप्रदेश के अपने जमीनी दौरे के अनुभव से ये अनुभव हुआ कि  उत्तरप्रदेश को द्लाल चला रहे हैं।उन्होने इस दिव्यज्ञान की बाक़ायदा प्रेस कांन्फ़्रेंस में घोषणा भी की।अन मेरा सवाल ये है कि अगर उत्तरप्रदेश को दलाल चला रहे है तो केन्द्र की युपीए सरकार को या देश को कौन चला रहा है।थोड़ा उस बारे में भी अपनी राय रखें तो मुझ जैसे भारत के असंख्य अल्पज्ञानियों का ज्ञानवर्द्धन होगा। वैसे राहुल गांधी शायद दिल्ली में ज्यादा रहते हैं इसलिये उनसे वंहा का हाल पूछ  रहा हुं।एक के बाद एक दलाल मंत्री पकड़ा रहे हैं,मगर राहुल गांधी को यूपी के दलाल ही नज़र आ रहे हैं,ऐसा क्यों?इस सवाल का मतलब यूपी के दलालों को बचाना नही बल्कि दिल्ली या केन्द्र सरकार का हाल जानना है।क्या कभी यूपी जैसा पैदल मार्च वे किसी कांग्रेस या उसकी मित्र पार्टियों के शासन वाले प्रदेश में करेंगे?क्या उन्हे ये दिव्य ज्ञान अपनी सरकार के बारे में भी मिलेगा या पड़ोसी के मकान में ही तांक-झांक करते रहेंगे।कल कपड़ा मंत्री ने इस्तीफ़ा नही दिया है,युपीए सरकार के कपड़े उतार दिये हैं।ज़रा बार नंगी हो रही युपीए सरकार और उसके कारणो पर भी प्रकाश डालें तो अच्छा लगेगा।अनिल अंबानी का नाम छोड़ कर उसके तीन अफ़सरों के नाम नामंज़ूर टू जी मामले में डालना दलाली नही है तोम क्या है?क्या उस दलाल का पता है राहुल गांघी जी आपको?मैं तो सिर्फ़ इतना ही जानता हूं आप ज्ञानी है मुझ मूरख को ज्ञान देने की कृपा करेंगे तो अच्छा रहेगा।