Wednesday, June 10, 2009

ये तो चमत्कार हो गया प्रभू-2

मूल कथा जानने के लिए इसका भाग एक यहां पढ़ें


क्यों बे क्या सोच रहा है?करिया बाबा के यमराज नही निकलने पर, मै पहले मिले झटके से धीरे-धीरे उबर रहा था और सोच रहा था कि ये भ्रष्टराष्ट्र क्या बला हो सकती है?देवता टाईप गेट-अप तो है लेकिन सूरत से ही शक्तिकपूर नज़र आ रहा है?कौन हो सकता है?ये सोच ही रहा था कि फ़िर से वही डायलाग सुनाई दिया क्या सोच रहा है बे!कुछ नही महाराज बस यूंही,क्या यूंही?कुछ नही ये आपका नाम सुना -सुना सा लगता है!तो!नही कुछ नही! ये धृतराष्ट्र से कोई रिलेश्……,नही, कोई बात नही। जस्ट ,यूंही ही पूछ रहा था।तुझे मै धृतराष्ट्र दिखाई रहा हूं?हैं, साले देख नही रहा है मेरी सिक्स इंटू सिक्स की आंखे। अरे महाराज मै तो यूंह्…. तू बसंती है क्या बे! बार-बार यूंही यूंही कर रहा है।



एक मिनट मे तीन बार से ज्यादा बे बोल चुका था करिया मुझे।दिमाग वैसे ही आऊट हो रहा था,और शायद मेरी सूरत पे भी गुस्सा अपने आप पसर रहा था।मै सोच ही रहा था कि फ़िर करिया ने पूछा क्या घूर रहा है बे।इस बार मुझसे रहा नही गया।यमराज तो है नही!साला, पता नही , किस ग्रेड का देवता है?लगता है किसी रिजनल पार्टी के सपोर्ट से साला देवता बन गया है?मैने भी सोच लिया निपट लेंगे अब जो भी हो देखा जायेगा,और भिड़ गया करिया से।सीधे बोला ये क्या बे-बे लगा रखी है।करिया बोला हां अब आया ना अपनी असली औकात पे।क्यों बुरा लग रहा है?तो! बुरा नही लगेगा क्या?अच्छा!और तू जो हर किसी को गाली बक़ता फ़िरता है।मै।ये क्या बकरी की तरह मै मै कर रहा है बे!बड़ा शेर बना फ़िरता था।मेरा दिमाग भी अब खिसक चुका था फ़िर भी मै कंट्रोल करके चल रहा था।मैने कहा अच्छा लगता है बे बे,देवता हो भई।





ये सुन कर करिया ज़ोर से हंसा।मेरी तो रूह कांप गई।मुझे लगा कि और थोड़ी देर ये हंसेगा तो लेण्टर क्रेक हो जायेगा।मैने कहा कि इसमे हंसने कि क्या बात है,देवता ऐसी भाषा का प्रयोग करते है क्या?करिया फ़िर ज़ोर से हंसा और बोला अबे सुन्।मै वो देवताओं के गुरू मि बृहस्पति के फ़टीचर सरकारी स्कूल टाईप आश्रम मे नही पढा हूं।मै तो राक्षसो के कोच मिस्टर शुक्र आर आचार्य के हाई-टेक कोचिंग सेंटर का टाप का स्टूडेण्ट रहा हूं,समझा। अब मुझ्से ज्यादा कल्चर की उम्मीद मत रखना।मै हैरान हो गया ये किस टाईप का देवता है, राक्षसो के गुरू का शिष्य्।मैने हिम्मत करके पूछा,महाराज कृपा कर ये तो बता देते कि आप देवता है या रा….… अचानक करिया फ़ट पड़ा मूर्ख हम देवता है देवता हण्ड्रेड परसेंट देवता।तो महाराज ये संस्कृत की बजाय अंग्रेजी।तो क्या अंग्रेजी तू ही बोलेगा बे।फ़िर बे।दिमाग फ़िर आऊट होने लगा था।



मैने पूछा चलो मान लिया महाराज आप देवता हैं,मान लिया नही बे!हूं।ठीक है,आप देवता हो लेकिन ये कलर,ये गेट अप कुछ जमा नही!क्यों?अरे महाराज देवता तो चिकने होते है एकदम शाहिद कपूर की माफ़िक,बाड़ी भी एकदम फ़िट होती है सिक्स,सेवन,एट,नाईन,टेन एब्स वाली आमिर और सल्लू के समा…अबे चुप!हम थोड़ा डिफ़रेंट टाईप के देवता हैं मैगी के माफ़िक,समझा।मै हैरान रह गया ये करिया तो मैगी के विज्ञापन के बारे मे भी जानता है।मैने कहा नही महाराज मै समझ नही पाया।क्यों बे,बड़ा ड़ींग हांकता फ़िरता था कि मुझसे समझदार,मुझसा ज्ञानी,मुझसा तीसमारखां, इस ईलाके मे कोई नही हैं। नही सर ऐसी कोई……… अबे चुप्।साले छोटे-छोटे बच्चों को नये-नये रिपोर्टरो को बिठा कर रोज़ अपनी पुरानी घिसी-पिटी रिपोर्ट का ज्ञान ठेलता है और अब जब काम की बात होने का समय आया तो एड़ा बनकर पेड़ा खाना चाह रहा है।मैने गुस्से मे कहा,देखो महाराज मेरी रिपोर्ट के बारे मे कुछ मत कहन…मेरी बात आधे मे काट कर करिया बोला क्यों?बता पिछले पांच साल मे क्या लिखा है?

मेरी तो सांस अटक गई।मै बोला छोड़ो ये सब काम की बात बोलो।करिया बोला काम की बात ही हो रही है बे।मै मन ही मन कसमसाया साला बे पे बे किये जा रहा है और मै कुछ कर भी नही पा रहा हूं।तू कुछ कर भी नही पायेगा बे,करिया बोला ये किसी छुटभैये की प्रेस कान्फ़्रेंस नही है कि तू बहिष्कार करवा देगा। अब तक़ मै समझ गया था कि सरेंडर के अलावा कोई चारा नही है और मैने हथियार डालते हुये कहा जो आप क्या चाह्ते है महाराज्।तू तो मुलयम से भी मुलायम निकला बे इतनी ज़ल्दी सरेंडर कर देगा ये तो मैने सोचा भी नही था।खैर सुन मै तेरे पास एक खास काम से आया हूं।
मैने कहा आज्ञा दिजिये महाराज्।करिया बोला सबसे पहले ये जान ले मै भ्रष्टाचारियों का इष्ट देव हूं और मैने सुना है कि तू उन लोगो को बहुत उंगली करता है। अरे नही महाराज आप ही तो कह रहे थे कि पिछले पांच साल मे कुछ नही लिखा।अबे मुझे मत सिखा आजकल तो खबर लिखता नही है लिखवा देता है।मै सब जान्ता हूं।तेरे कारण उन लोगो को बहुत नुकसान हो रहा है।मै बोला नही करूंगा महाराज्।करिया बोला मैने ऐसा कब कहा है।अपने मन से कुछ भी बड़बड़ा रहा है,अब चुपचाप सुन ये साले मेरे फ़ालोअर आजकल स्याने हो गये हैं।ये मुझसे भी हराम खोरी पर उतर आये हैं।फ़ालोअर रोज़ बढ रहे है मगर बता एक भी मंदिर बनाया है किसी कमीने ने आजतक़ मेरे नाम का।मुझे भी साले कमिटमेण्ट मे मंदी का रोना रो रहे हैं।मै चाहता हूं उनपर नज़र रखी जाये।

मैने कहा भगवान आप तो सब जान्ते है फ़िर भी।तू चुपचाप सुन बे।साले लोकल लेवल का पत्रकार है और हर बात पे मुंह मार देता है जैसे किसी नेशनल न्यूज का एडिटर है।ये मेरे फ़ालोअर आजकल मुझे ही गच्चा दे रहे हैं।कभी इस रिश्तेदार के नाम पर तो कभी नौकर के नाम पर,तो कभी चंदे के नाम पर तो कभी मंदे के नाम पर नुकसान बताकर कमिशन तक़ मार रहे है।मै भौंच्चक होकर सुन रहा था कि साले भ्रष्टाचारी भ्रष्टराष्ट्र को भी चूना लगा रहे हैं।करिया बोला मैने बहुत सोच समझ कर फ़ैसला किया है कि तू उन पर नज़र रखेगा और मुझे डेली रिपोर्ट देगा।महाराज मर जाऊंगा, डेली…चल उसे सेटल कर लेंगे मगर तू मुझे सारी खबर् देगा समझा।मै रायपुर मे बैठ कर सब खबर कैसे दे सकता हूं महाराज्।इस पर करिया मुस्कुराया और बोला तो प्रिंसिपली तो तू मुझे सपोर्ट करने के लिये तैयार हो गया है।कैसे रिपोर्ट करेगा और सारे देश पर कैसे नज़र रखएगा ये मेरा प्राब्लम है।सारे प्राब्लम कैसे हल किये भ्रष्टराष्ट्र ने ये बताऊंगा कल्।कैसा लगी भ्रष्टराष्ट्र से मुलाकात ये बताईयेगा ज़रूर और मुझे क्या-क्या करना चाहिये ये भी बतायेंगे तो और अच्छा रहेगा मेरे लिये।

11 comments:

मुनीश ( munish ) said...

very biting piece of sarcasm ! well said Anil bhai . Thnx for peeling-off another layer of this onion of corruption

बी एस पाबला said...

मुझे लगता है ये दोनों या तो गड़े मुर्दे उखाड़ेंगे या फिर ज़िंदा ही चिनवा देंगें किसी को :-)

बहुत बढ़िया

राजकुमार ग्वालानी said...

अरे बाप रे.. इतना सस्पेंस तो किसी थ्रिलर और हॉरर फिल्म में भी देखने को नहीं मिला जितना आपकी पोस्ट में है। ऐसी दूर की कौड़ी आप ला सकते हैं यह तो कोई सोच भी नहीं सकता था, मजा आ गया। हमें तो लगता है कि इतनी धांसू पोस्ट आज तक किसी ने नहीं लिखी होगी। सस्पेंस कायम रहे, जय हो आपकी और आपके पोस्ट की।

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

लगता है भूमिका अध्याय सम्पन्न हो चुका। असली कथा कल से आरंभ होने वाली है।

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

अच्छा, तो आपने करियादल ज्वाइन कर लिया है!

काजल कुमार Kajal Kumar said...

:)

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

चमत्कार को नमस्कार

राज भाटिय़ा said...

अजी कल की पोस्ट मै लगता है किसी की वाट लगने वाली है....
चलिये इंतजार रहेगा.
आज मजा आ गया,

Mahesh Sinha said...

जोर का झटका धीरे से लगे :)

venus kesari said...

पाठको पर ये अन्याय सहन नहीं है जो कहना है एक बार में कह के ख़तम करिए चाहे पोस्ट कितनी भी लम्बी हो
वीनस केसरी

दिगम्बर नासवा said...

majaa aa गया पढ़ कर sir............lajawaab लिखा है