Sunday, August 14, 2011

लोकपाल से एलर्जी है,कोई बात नही!कम से कम चुनाव लड़ने के लिये सरकारी स्कूल में पढना और सरकारी अस्पताल में इलाज़ करना ज़रूरी कर दो!

एक छोटी सी पोस्ट बड़ा सा सवाल लिये हुये।लोकपाल बिल का पता नही क्या होगा?पर मेरा मानना है कि चुनाव लड़ने और सरकार में बैठने के लिये सरकारी अस्पताल और सरकारी स्कूलों,कालेजों में उनका और उनके परिजनो का पढना और इलाज करना अनिवार्य कर देना चाहिये।कुछ नही तो कम से कम अस्पताल और स्कूल,कालेज की हालत थोड़ी तो सुधरेगी।

9 comments:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

sujhav to baddhiya hai..

रोहित बिष्ट said...

अनिवार्यता का अधिकांशतः अभाव,लोकतंत्र की ताकत और कमजोरी दोनों यही है।जनप्रतिनिधियों की सच्चाई ओर संवेदनशीलता का आकलन जरुरी है
स्कूल ओर अस्पताल स्वतः ही सुधर जायेंगे।

DUSK-DRIZZLE said...

YAH HUYI N PATE KI BAT

रचना said...

चुनाव लड़ने और सरकार में बैठने के लिये सरकारी अस्पताल और सरकारी स्कूलों,कालेजों में उनका और उनके परिजनो का पढना और इलाज करना अनिवार्य कर देना चाहिये।


aur aesa unkae liyae bhi anivaarya ho jo anshnan par baethnae jaa rhaey ,, bhrashtaachar kae khilaaf muhim chalaa rahey aur private asptaal me jaanch karvaa rahey haen

Arunesh c dave said...

कम से कम सालो के बच्चे सरकारी स्कूल मे पढ़ें

प्रवीण पाण्डेय said...

तभी सुधरेंगे हालात।

ajit gupta said...

इस देश में भ्रष्‍टाचारियों की वकालात करने वाले बहुतायत से हैं, इसलिए परिवर्तन बहुत कठिनाई से होगा।

संगीता पुरी said...

कोई दिक्‍कत नहीं .. उनके लिए खास सरकारी एयरकंडीशंड स्‍कूल और हॉस्पिटल बन जाएंगे .. आपके इस सुंदर सी प्रस्‍तुति से हमारी वार्ता भी समृद्ध हुई है !!

Madhur said...

मजेदार पोस्ट .पर आइडिया बहुत बेहतरीन है ....