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Friday, August 14, 2015

अंग्रेज़ी में लिखी हिंदी,धन्य हो देशभक़्त पप्पू भैया

अंग्रेज़ी में लिखी हिंदी पढने वाले राष्ट्रभक़्त की राष्ट्रभक़्ती को सलाम.उनके राष्ट्रप्रेम को प्रणाम,देश की उन्नति के लिये उनके संघर्ष को साष्टांग दण्डवत करने को जी कर रहा है.है कोई माई का लाल जो हिंदी को अंग्रेज़ी में लिखे.लोग मज़ाक उडा रहे है,मगर ये मज़ाक का विषय नही है.ये तो अंग्रेज़ो को हमे गुलाम बनाने की सज़ा है जो उनकी भाषा को अपनी भाषा का वाहक बना दिया.पता नही लोग कब समझेंगे देशभक़्ति के इस इंग्लिश स्टाईल को.बेवजह हिंदी के अल्पग्यान की बात कर रहे है.भाई समरथ को नही कोई दोष गुसाई,जानते है ना सब.पूरा अंग्रेज़ी में ही पेल देते तो कोई क्या कर लेता?तब लगता लोगो को है भाई अपना पप्पू अंग्रेज़ी में एक्स्पर्ट.फिर कोई बिना ग्यान के एक्स्पर्ट होने की तोहमत भी नही लगा सकता था.बेवजह तिल का ताड बना रहे हैं,देखा है किसी को अंग्रेज़ी का ऎसा अपमान करते,और अंग्रेज़ी की पीठ पर सवार होकर हिंदी का सम्मान करते.जय हो अंग्रेज़ी में हिंदी लिखने वाले भैया की.जय हो उनके राष्ट्रभाषा के प्रति सम्मान की,प्रेम की.बुरा हो बुरी नज़र वालो को जो ऎसी ऎसी कांफिडेंशियल स्कीम भी डिस्क्लोज़ कर देते है.इट इज़ नाट फेयर.ऎनी वे,यू नो,आई लव माई कंट्री,आई लव माई हिन्दी.

2 comments:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (15-08-2015) को "राष्ट्रभक्ति - देशभक्ति का दिन है पन्द्रह अगस्त" (चर्चा अंक-2068) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
स्वतन्त्रतादिवस की पूर्वसंध्या पर
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

JEEWANTIPS said...

HAPPY INDEPENDENCE DAY
सुन्दर व सार्थक रचना प्रस्तुतिकरण के लिए आभार..
मेरे ब्लॉग की नई पोस्ट पर आपका इंतजार...