इस ब्लॉग पर आने के लिए शुक्रिया, कृपया कमेण्ट्स कर मुझे मेरी गलतियां सुधारने का मौका दें

Tuesday, January 19, 2016

नक्सलियों की बारात में नाचना तो ठीक है मगर कभी शहीद की बरसी पर भी रो लिय...

1 comment:

प्रवीण पाण्डेय said...

चिन्तनीय स्थिति